Galgotias University: चर्चित एआई समिट में चीनी रोबोडॉग पेश कर भद्द पिटवा चुकी गलगोटिया यूनिवर्सिटी लगातार सुर्खियों में है। विवादों के बीच विश्वविद्यालय ग्रुप के मालिक सुनील गलगोटिया पर भी सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच आज से करीब 10 वर्ष से अधिक पुराने एक प्रकरण की चर्चा है जब गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक का परिवार कानूनी कार्रवाई की पेंच में फंसा था।
अगस्त 2014 में सुनील गलगोटिया के परिवार पर 100 करोड़ से अधिक की देनदारी चूकने के बाद फर्जीवाड़ा के आरोप लगे थे। तब आगरा पुलिस ने सुनील गलगोटिया के बेटे ध्रुव और पत्नी पद्मिनी को उनके नोएडा स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। चीनी रोबोडॉग विवाद के बीच इस पुराने प्रकरण की चर्चा भी जोरों पर है।
चीनी रोबोडॉग विवाद के बीच Galgotias University ग्रुप के पुराने फर्जीवाड़े पर घमासान!
मामला 10 वर्ष से अधिक पुराना है। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2014 में गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक सुनील गलगोटिया का परिवार फर्जीवाड़े से जुड़े एक मामले में फंसा था। शिकायतकर्ता एसई इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड ने तब आगरा के हरि पर्वत पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर गलगोटिया परिवार पर 100 करोड़ से अधिक का भुगतान न करने का आरोप लगाया।
इस प्रकरण में तब आगरा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट खलीकुज्जमा ने आदेश कर गलगोटिया यूनिवर्सिटी के मालिक सुनील गलगोटिया, उनकी पत्नी पद्मिनी, बेटे ध्रुव और मां जुगनू को गिरफ्तार करने के आदेश जारी किए थे। आगरा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करेत हुए तब ध्रुव और पद्मिनी गलगोटिया को गिरफ्तार भी किया था। शिकायतकर्ता के आरोप के मुताबिक सुनील गलगोटिया द्वारा प्रबंधित और संचालित शकुंतला एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी के मालिकों ने उनसे ऋण लिया।
इसके बाद वे ब्याज सहित कुल देनदारी 120 करोड़ रुपए देने से मुकरने लगे। कुछ किश्त जमा कर गलगोटिया परिवार पल्ला झाड़ने लगा। अंतत: निवेश फर्म ने नोटिस जारी किया। इसका भी गलगोटिया परिवार पर कोई असर नहीं पड़ा। आगरा न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा गैर-जमानती वारंट जारी करने के बाद सुनील गलगोटिया ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय से स्टे ऑर्डर लिया। पुलिस उन्हें तो नहीं, लेकिन उनके बेटे ध्रुव और पत्नी पद्मिनी को तब गिरफ्तार कर ले गई थी। वर्षों बाद ये मामला फिर आज सुर्खियों में है।
एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान पिटी यूनिवर्सिटी की भद्द!
आज प्रिट से लेकर इलेक्ट्रॉनिक और डिजीटल मीडिया तक में यदि गलगोटिया यूनिवर्सिटी की इतनी चर्चा है। तो इसकी वजह एआई इम्पैक्ट समिट 2026 है जो भारत मंडपम में आयोजित हुआ था। इस समिट के दौरान गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी रोबोडॉग को इन हाउस इनोवेशन बताकर पेश किया गया। सच्चाई सामने आने के बाद गलगोटिया यूनिवर्सिटी की खूब भद्द पिटी और परत दर परत कई बातें सामने आने लगीं। उसी क्रम में 2014 से जुड़ा पुराना मामला भी सुर्खियों में है जब फर्जीवाड़े के आरोप में गलगोटिया परिवार पर कानूनी कार्रवाई हुई थी।
