Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विपक्ष लगातार हमलावर है और अलग-अलग तरीके से कुर्सी छीनने के लिए एकजुट है। वहीं इस सबके बीच ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन ने मंगलवार को संसद भवन से लेकर निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च करने की घोषणा कर दी है। इस दौरान वे अपना विरोध जताएंगे और मुख्य चुनाव आयुक्त को कुर्सी छोड़ने के लिए मजबूर करने वाले हैं। इसके साथ ही देशव्यापी मुहिम चलाने की भी प्लानिंग कांग्रेस की तरफ से कर ली गई है। उन्होंने बाकी पार्टियों को भी आमंत्रित किया है। आइए जानते हैं आखिर क्या है कांग्रेस का प्लान जो ज्ञानेश कुमार के लिए मुसीबत से कम नहीं है।
पैदल मार्च के पीछे क्या है Gyanesh Kumar के खिलाफ मकसद
रिपोर्ट की माने तो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन मंगलवार को संसद भवन से लेकर निर्वाचन आयोग के कार्यालय तक पैदल मार्च निकालेंगे। इस दौरान वह अपना विरोध प्रदर्शन दिखाएंगे। कहा जाता है कि सुबह 10:30 बजे संसद परिसर में इकट्ठा होंगे और 11 बजे मकर द्वार के रास्ते चुनाव आयोग पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
क्या है कांग्रेस का ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान’
वहीं इससे हटकर कांग्रेस की तरफ से ज्ञानेश कुमार को कुर्सी से हटाने के लिए मतदाता सूची से हटाए गए 13 करोड़ (130 मिलियन) मतदाताओं के नाम वापस जोड़ने की मांग को लेकर देशभर में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान’ भी चलाने वाली है। कांग्रेस अध्यक्ष ध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में महासचिवों, प्रभारियों और राज्य इकाई प्रमुखों के साथ आयोजित इस बैठक में पूरी प्लानिंग की गई है। जहां बताया उनका मानना है कि बीजेपी की तरफ से इस मुद्दे से ध्यान हटाने की कोशिश की जा रही है लेकिन वह अपनी बात पर अड़े रहेंगे।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के लिए कांग्रेस की क्या है तैयारी
कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे इस मुहिम की शुरुआत 10 अक्टूबर से होने वाली है जो 26 नवंबर तक पूरे देश में अलग-अलग तरीके से आयोजित होने वाली है। रैलियों से लेकर मार्च, गांव स्तरीय बैठकें होने वाली है। वहीं कांग्रेस ने द्रमुक और आम आदमी पार्टी को चुनाव आयोग तक मार्च करने और 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली रैली में शामिल होने की अपील की है।
केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश के मुताबिक 10 से 20 अक्टूबर के बीच देश भर में ब्लॉक स्तर पर बाइक रैलियां, पदयात्राएं, पुतला दहन की प्लानिंग है। तो वहीं 25 अक्टूबर से महीने भर चलने वाली गांव-स्तरीय बैठकें आयोजित होंगी। जहां पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की पहचान की जाएगी। वहीं संविधान दिवस के अवसर पर 25 और 26 नवंबर को हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से छह बड़ी यात्राएं निकाली जाएंगी।
क्या है ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विवाद की वजह
विरोध की शुरुआत उस समय हुई जब चुनाव आयोग में आंतरिक कलह की खबर सामने आई। जहां आरोप लगा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार बाकी दो चुनाव आयुक्त से पूछे बगैर एक तरफा फैसला लेते थे। इसके अलावा SIR में धांधली की खबर भी सामने आई जिसे लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है।







