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Anurag Dhanda: अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण! शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती का काम सौंपने पर भड़के आप नेता; निशाने पर हरियाणा सरकार

Anurag Dhanda

Picture Credit: गूगल (आप नेता अनुराग ढ़ांडा - सांकेतिक तस्वीर)

Anurag Dhanda: हरियाणा सरकार के एक फैसले की खूब आलोचना हो रही है। खबरों की मानें तो हरियाणा सरकार ने सर्कुलर जारी कर सूबे में आवारा कुत्तों की गिनती की जिम्मेदारी शिक्षकों को सौंपी है। हरियाणा सरकार के इस फैसले को लेकर आम आदमी पार्टी मुखर है और फ्रंटफुट से मोर्चा संभाल रही है। अनुराग ढ़ांडा भी इस कड़ी में मुखरता के साथ सरकार को घेर रहे हैं। आप नेता अनुराग ढ़ांडा ने हरियाणा सरकार के फैसले को अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण निर्णय बताते हुए इसकी आलोचना की है। आप नेता इसे शिक्षकों का अपमान करार दिया है। इससे इतर अनुराग ढ़ांडा ने अरावली क्षेत्र पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कांग्रेस, बीजेपी पर निशाना साधा है।

शिक्षकों को आवारा कुत्तों की गिनती का काम सौंपने पर भड़के Anurag Dhanda

आप नेता अनुराग ढ़ांडा ने हरियाणा सरकार के उस फैसले की आलोचना की है जिसमें आवारा कुत्तों की गिनती का काम शिक्षकों को सौंपा गया है।

मीडिया से बात करते हुए अनुराग ढ़ांडा ने कहा कि “ये फैसला अनैतिक और दुर्भाग्यपूर्ण है जो शिक्षकों का अपमान करता है। भाजपा शिक्षा से असंबंधित जिम्मेदारियों को शिक्षकों पर थोपने, सरकारी स्कूलों को कमजोर करने और बच्चों के भविष्य को खतरे में डालने का प्रयास कर रही है।” अनुराग ढ़ांडा ने इससे इतर अरावली क्षेत्र पर छिड़े विवाद के बीच भी प्रतिक्रिया दी है।

अनुराग ढ़ांडा ने कहा कि “अरावली क्षेत्र के शोषण के लिए भाजपा और कांग्रेस दोनों जिम्मेदार हैं।” आप नेता ने हालांकि, इस तरह की कार्रवाइयों को रोकने के लिए सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप का स्वागत किया है।

विभाग की फैसले की जमकर हुई आलोचना

हरियाणा के कैथल में जिला शिक्षा अधिकारी ने बीते 24 दिसंबर को आदेश जारी कर हर स्कूल में आवारा कुत्तों की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी बना दिया। रोहतक एमडीयू यूनिवर्सिटी में भी 24 दिसंबर को आदेश जारी कर प्रोफेसरों को परिसर में आवारा कुत्तों की निगरानी की जिम्मेदारी दे दी गई। इसको लेकर जमकर भद्द पिटी और शिक्षा विभाग के इस फैसले को लेकर हरियाणा सरकार को निशाने पर लिया गया। इसी कड़ी में अनुराग ढ़ांडा भी हरियाणा सरकार पर जमकर बरसे हैं।

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