BRICS Summit 2026: दुनिया की नजरें इस वर्ष होने वाली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर टिकी हैं जिसकी मेजबानी भारत के हाथों में है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मचे उठा-पटक के बीच भारत ब्रिक्स सम्मेलन की तैयारी में जुट गया है। इसी क्रम में आज विदेश मंत्री एस जयशंकर की मौजूदगी में BRICS समिट 2026 का लोगो और वेबसाइट लॉन्च किया गया। भारत ने इन तैयारियों के तहत अपनी कमर कस ली है। एस जयशंकर ने इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन व्यापक बहुपक्षीय प्रणाली का पूरक है जो पारस्परिक सम्मान, संप्रभु समानता और सर्वसम्मति के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है। भारत की इस तैयारी से अंदरखाने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जरूर परेशान होंगे जो ब्रिक्स देशों की मुखालफत करते रहते हैं।
बहुचर्चित BRICS Summit 2026 के लिए भारत ने कसी कमर
इसी वर्ष होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत ने कमर कस ली है। इसी क्रम में आज लोगो और वेबसाइट लॉन्च कर दिया गया।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस मौके पर कहा कि “भारत ब्रिक्स को संवाद और विकास के लिए एक रचनात्मक मंच के रूप में देखता है, जो व्यापक बहुपक्षीय प्रणाली का पूरक है और पारस्परिक सम्मान, संप्रभु समानता और सर्वसम्मति के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित है। भारत अपनी अध्यक्षता को समावेशी, व्यावहारिक, जन-केंद्रित और परिणामोन्मुखी बनाने का प्रयास करेगा। भारत की अध्यक्षता के दौरान और उसके लिए मिलकर काम करते हुए, मैं सभी ब्रिक्स सदस्यों, साझेदार देशों और अन्य हितधारकों के सहयोग और समर्थन की आशा करता हूं।”
एस जयशंकर ने आगे कहा कि “भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का उद्देश्य वैश्विक कल्याण के लिए ब्रिक्स देशों की क्षमता को एकजुट करना है। जब भारत 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने की तैयारी कर रहा है, तो हम ऐसा समूह की यात्रा के एक महत्वपूर्ण मोड़ पर कर रहे हैं। 2026 में, ब्रिक्स अपनी स्थापना के 20 वर्ष पूरे कर लेगा, जिसके दौरान यह उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच सहयोग के एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में लगातार विकसित हुआ है। पिछले कुछ वर्षों में, ब्रिक्स ने बदलती वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप अपने एजेंडे और सदस्यता का विस्तार किया है।”
वैश्विक समीकरण का जिक्र करते हुए एस जयंशकर ने जोर देकर कहा कि “ब्रिक्स को सुधारित बहुपक्षवाद के प्रति प्रतिबद्ध होना चाहिए जो समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करे, एक ऐसा बहुपक्षवाद जहां संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष और विश्व बैंक जैसी संस्थाएं प्रतिनिधि और समावेशी हों।”
भारत का दुनिया को अहम संदेश
ब्रिक्स समिट को लेकर कमर कस चुके भारत ने दुनिया को संदेश दिया है। ब्रिक्स देशों में मूल रूप से ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। ये देश अमेरिका द्वारा बनाए रास्ते से इतर एक वैकल्पिक मार्ग पर दुनिया को चलने के लिए प्रेरित करते हैं। ब्रिक्स 2026 के लिए लॉन्च हुआ नया लोगो कमल से प्रेरित है, जो गहरी जड़ों वाली विरासत और बढ़ती हुई दृढ़ता का प्रतीक होने के साथ दुनिया को संदेश है। इसके साथ ही ब्रिक्स देश डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीति के खिलाफ मजबूत वैश्विक ब्लॉक बनने की परीक्षा में हैं। यही वजह है कि भारत की पहल से प्रेसिडेंट ट्रंप के घबराने की बात भी कही जा रही है।






