Crude Oil: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने दुनिया को बैकफुट पर धकेल दिया है। इस भू-भाग पर तमाम ऐसे देश हैं जो कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से प्रभावित हुए हैं। उन देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें खूब बढ़ी हैं। पाकिस्तान इसका पुख्ता उदाहरण है। भारतीय तेल कंपनियों पर भी क्रूड ऑयल की कीमतों में हुए इजाफा का असर देखने को मिल रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में लगी आग भारतीय तेल कंपनियों को झुलसा रही है। देश में पेट्रोल-डीजल के दाम तो नहीं बढ़े हैं, लेकिन कंपनियों पर आर्थिक बोझ पड़ने की बात सामने आ रही है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या देश में ईंधन की कीमतें बढ़ सकती हैं? ऐसी खबरों के बीच सरकार की ओर से स्पष्टीकरण सामने आया है। आइए आपको सरकार का पक्ष स्पष्ट रूप से बताते हैं।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में Crude Oil की कीमतों में लगी ‘आग’ से झुलस रही भारतीय तेल कंपनियां!
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। तगड़ी वृद्धि के साथ कच्चा तेल $70 प्रति बैरल से छलांग लगाकर इस महीने $113 प्रति बैरल तक पहुंच गया है। दुगने से ज्यादा की वृद्धि के साथ क्रूड ऑयल विश्व भर को प्रभावित कर रहा है। भारत भी इससे अछूता नहीं है।
खबरों की मानें तो भारत में फिलहाल कंपनियों को डीजल की बिक्री पर 100 और पेट्रोल पर 20 रुपए प्रति लीटर का नुकसान झेलना पड़ रहा है। बावजूद इसके सरकार और कंपनियां मिलकर उपभोक्ताओं के लिए राहत दे रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कीमतें भारत में स्थिर हैं और लोगों की बचत हो रही है।
क्या रफ्तार पकड़ेगा पेट्रोल-डीजल का रेट?
इसको लेकर भारत सरकार की ओर से आधिकारिक बयान सामने आया है। चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ने की खबरों के बीच पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की सचिव सुजाता शर्मा ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार ऐसे तमाम खबरों को खारिज करते हुए इन्हें भ्रामक करार देती है। भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा की कोई योजना नहीं है।
भारत सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें नहीं बढ़ेंगी। ये आम आदमी के लिए राहत भरी खबर है जो उनके जेब पर सीधा असर डालने का काम करेगी। इसी भ्रामक खबर की देन है कि देश में पेट्रोल-डीजल की बिक्री में उछाल दर्ज की गई है। हालांकि, सरकार की ओर से लोगों से धैर्य रखने की बात कही गई है।






