Jharkhand News: झारखंड के लिए अलग राज्य की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शहीद निर्मल महतो को आज उनके शहादत दिवस पर याद किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी वीर शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके संघर्ष और बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि
“आज हम जिस संवेदनशीलता के साथ इस राज्य के गरीब-गुरबा, किसान और आम नागरिकों के लिए काम कर रहे हैं, उस काम में बाधा डालने के लिए विपक्ष के लोग एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। किन हम उस लड़ाई को भी जीतेंगे और इस राज्य के करोड़ों लोगों का हक-अधिकार उनके घर तक पहुंचाएंगे”।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो को किया नमन
हेमंत सोरेन ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “झारखंड अलग राज्य बना, लेकिन राज्य को दिशा देने का काम जिन लोगों के जिम्मे रहा, उनमें ऐसे लोग भी थे जो कभी इस राज्य के गठन के घोर विरोधी रहे और यहां के आदिवासी-मूलवासियों के हक-अधिकार के भी विरोधी रहे। उन्होंने जिस तरह इस राज्य की नींव रखी, उस पर ऐसी इमारत खड़ी हुई कि झारखंड का हर व्यक्ति डर, भय और शोषण का शिकार होता रहा।
झारखंड अलग राज्य बना, लेकिन राज्य को दिशा देने का काम जिन लोगों के जिम्मे रहा, उनमें ऐसे लोग भी थे जो कभी इस राज्य के गठन के घोर विरोधी रहे और यहां के आदिवासी-मूलवासियों के हक-अधिकार के भी विरोधी रहे।
उन्होंने जिस तरह इस राज्य की नींव रखी, उस पर ऐसी इमारत खड़ी हुई कि झारखंड का… pic.twitter.com/X3Lke7F3eY
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 8, 2026
अंततः हमने उसी तरह सत्ता की लड़ाई भी लड़ी, जिस तरह हमारे अग्रिम नेताओं ने अलग राज्य की लड़ाई लड़ी थी। बड़ी मुश्किल से राज्य को दिशा देने का अवसर मिला, फिर वह मौका हाथ से छूटा। संघर्ष जारी रहा और आप लोगों के आशीर्वाद से फिर राज्य को दिशा देने का अवसर मिला।
गरीब, किसानों के लिए काम कर रहे है
मुख्यमंत्री जी ने आगे कहा कि “आज हम जिस संवेदनशीलता के साथ इस राज्य के गरीब-गुरबा, किसान और आम नागरिकों के लिए काम कर रहे हैं, उस काम में बाधा डालने के लिए विपक्ष के लोग एड़ी-चोटी का जोर लगाए हुए हैं। लेकिन हम उस लड़ाई को भी जीतेंगे और इस राज्य के करोड़ों लोगों का हक-अधिकार उनके घर तक पहुंचाएंगे। बातें बहुत हैं।
आज हम सभी वीर पुरुष शहीद निर्मल महतो जी के चरणों में नमन करने और उनका आशीर्वाद लेने आए हैं।
कुछ दिन पहले ही लंबे समय तक हमारे बीच मार्गदर्शक के रूप में रहे आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी की भी पुण्यतिथि थी। वहां भी हम सभी बड़े पैमाने पर एकजुट होकर उन्हें नमन करने पहुंचे और उनका… pic.twitter.com/pso93uxsju
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 8, 2026
क्योंकि यह वीरों की धरती है। एक वीर की कहानी सुनाएंगे तो दूसरे वीर की कहानी की कड़ी जुड़ती चली जाएगी। हमारे वीर शहीद आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके विचार और आदर्श हमेशा हमारे जीवन के साथ चलेंगे। आप सभी क्रांतिकारी कार्यकर्ताओं का बहुत-बहुत आभार और शुक्रिया”।







