Jharkhand News: देवघर में हुआ भव्य ड्रोन शो का आयोजना, बाबा बैद्यनाथ की महिमा, पौराणिक कथाएं का दिखा अद्भुत संगम, जानें सबकुछ

Jharkhand News: झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ की नगरी ने एक बार फिर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का भव्य प्रदर्शन किया।

Jharkhand News

फाइल फोटो

Jharkhand News: झारखंड के देवघर में बाबा बैद्यनाथ की नगरी ने एक बार फिर अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का भव्य प्रदर्शन किया। यहां आयोजित ड्रोन शो में आसमान पर रोशनी और तकनीक के जरिए बाबा बैद्यनाथ की महिमा के साथ-साथ पौराणिक कथाओं की झलक दिखाई गई। बड़ी संख्या में लोगों ने इस शानदार आयोजन का आनंद लिया।

ड्रोन शो के दौरान सैकड़ों ड्रोन के जरिए आसमान में अलग-अलग आकृतियां और दृश्य तैयार किए गए। बता दें कि सावन के पावन महीने में हर साल की तरह इस साल भी लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे है। सबसे खास बात है कि हेमंत सोरेन सरकार द्वारा श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जा रही है।

बाबा बैद्यनाथ धाम में ड्रोन का हुआ भव्य आयोजन

आईपीआरडी झारखंड ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “देवघर में राजकीय श्रावणी मेला, 2026 की चौथी एवं अंतिम सोमवारी पर शिवलोक परिसर में भव्य ड्रोन शो ने बाबा नगरी को दिव्यता से सराबोर कर दिया। आसमान में सैकड़ों ड्रोन्स से साकार हुई बाबा बैद्यनाथ की महिमा,

पौराणिक कथाएं, श्रावणी मेला की परंपरा और द्वादश ज्योतिर्लिंगों की झलक ने श्रद्धालुओं को अद्भुत आध्यात्मिक अनुभव प्रदान किया। आधुनिक तकनीक और सनातन संस्कृति का यह अनूठा संगम देवघर की यादों में हमेशा जीवंत रहेगा। हर-हर महादेव”!

पौराणिक कथाओं को तकनीक से जोड़ा गया

इस आयोजन की खास बात यह रही कि आधुनिक ड्रोन तकनीक के जरिए देवघर की धार्मिक और पौराणिक विरासत को लोगों के सामने पेश किया गया। भगवान शिव से जुड़ी कथाओं और बाबा बैद्यनाथ धाम के महत्व को विजुअल रूप में दिखाने की कोशिश की गई, जिससे दर्शकों को धार्मिक इतिहास की झलक भी मिली।

ड्रोन शो देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। आसमान में एक के बाद एक बनती रोशन आकृतियों ने लोगों को रोमांचित कर दिया। मालूम हो कि धार्मिक और पौराणिक विरासत और आधुनिकता का विशेष संगम देखने को मिल रहा था। देवघर लंबे समय से बाबा बैद्यनाथ धाम के कारण देशभर में श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल रहा है।

 

 

Exit mobile version