विकसित मध्य प्रदेश के तहत CM Mohan Yadav ने लिए अहम निर्णय, कक्षा 8 से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को किया शामिल

CM Mohan Yadav: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पाठ्यक्रम में शामिल करने से लेकर अतिथि शिक्षक की नियुक्ति तक आइए जानते हैं शिक्षा को चौतरफा का बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश सरकार किन निर्णय को लेकर चर्चा में आए हैं।

CM Mohan Yadav

Photo Credit- Google CM Mohan Yadav

CM Mohan Yadav: एआई का क्रेज लगातार लोगों पर देखा जा रहा है और ऐसे में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने लोगों के किलो दिमाग पर कब्जा कर लिया है। अब ऐसे में मध्य प्रदेश सरकार की तरफ से एक अहम घोषणा की गई है जो निश्चित तौर पर स्टूडेंट के लिए एक खास और दिलचस्प विषय हो सकता है। सीएम मोहन यादव ने मध्य प्रदेश को शिक्षा की धरा बताते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सब्जेक्ट के बारे में जिक्र किया। इस दौरान क्या कहा है। आइए जानते हैं कैसे एआई को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए सीएम मोहन यादव एकजुट हो चुके हैं और इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

CM Mohan Yadav का पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने का फैसला

सीएम मोहन यादव द्वारा बताया गया कि “मध्य प्रदेश शिक्षा की धरा है। इस पहचान को राज्य सरकार और सशक्त कर रही है। कक्षा 8 से 12वीं तक के पाठ्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को शामिल करने का निर्णय लिया है। हम शिक्षा के क्षेत्र में विरासत के साथ-साथ नवाचार को भी बढ़ावा दे रहे हैं।” यह विकसित मध्य प्रदेश की तरफ सीएम मोहन यादव का हम कदम साबित हो सकता है।

शिक्षा के विकास में सीएम मोहन यादव का अहम निर्णय

अतिथि शिक्षक की भर्ती प्रक्रिया को शैक्षिक पत्र से पहले पूरी की जाएगी और इसके लिए सीएम मोहन यादव प्रयासरत हैं।
विद्यार्थियों की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए विद्यालयों के बाउंड्री का ध्यान रखा जाएगा। इसका निर्माण करवाया जाएगा। अच्छे परिणाम देने वाले विद्यालय और शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को पाठ्यक्रम में सम्मिलित किया जाएगा ताकि विद्यार्थियों को भारतीय इतिहास और मूल्य से परिचित करवाया जा सके। इसके साथ ही विद्यार्थियों की भावनात्मक जुड़ाव के लिए पूर्व छात्र सम्मेलन तथा शिक्षा को घर-घर पहुंचाने हेतु शिक्षा घर योजना को सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की गई है।

सीएम मोहन यादव द्वारा लिए गए ये निर्णय शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और सुरक्षित शिक्षा की पहल को आगे बढ़ाने के लिए है।

 

 

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