CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश तेजी से विकास की और अग्रसर है। गौरतलब है कि सीएम मोहन यादव की अगुवाई में लोगों को जबरदस्त फायदा पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार निवेश आकर्षित करने, उद्योग बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर जोर दे रही है। हाल के महीनों में राज्य में कई बड़े निवेश प्रस्ताव, औद्योगिक परियोजनाएँ और विकास योजनाएँ सामने आई हैं, जिन्हें सरकार “नया आर्थिक इतिहास” बनाने की दिशा में कदम बता रही है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रोजगार से लेकर विकास तक, हर क्षेत्र में उपलब्धि देखने को मिल रही है। इसके अलावा राज्य के युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिल रहा है।
CM Mohan Yadav की अगुवाई में राज्य तेजी से कर रहा है विकास
मध्य प्रेदेश के सीएम मोहन यादव ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य है। आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। हमें गर्व है कि पूरे देश में यदि सबसे कम बेरोजगारी दर कहीं है, तो वह हमारे मध्यप्रदेश में है।
मध्यप्रदेश पूरे देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला राज्य है…
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के नेतृत्व में प्रदेश में निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं। हमें गर्व है कि पूरे देश में यदि सबसे कम बेरोजगारी दर कहीं है, तो वह हमारे मध्यप्रदेश… pic.twitter.com/3eMpWGibP2
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 14, 2026
आज कटनी जिले के बरही में ‘कृषि महोत्सव’ में ₹243 करोड़ से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया। साथ ही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किया”।
निवेश में बड़ी बढ़ोतरी
सरकार के अनुसार प्रदेश में लगभग ₹9 लाख करोड़ तक के निवेश से नई औद्योगिक इकाइयाँ स्थापित करने की योजना है। इन निवेशों से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार अवसर बनने की उम्मीद है। अलग-अलग निवेश कार्यक्रमों में कई हजार करोड़ के प्रस्ताव लगातार मिल रहे हैं, जैसे एक कार्यक्रम में ₹36,600 करोड़ के निवेश प्रस्ताव आए जिससे करीब 27,800 नौकरियाँ बनने की संभावना है। निवेश के साथ रोजगार सृजन को सरकार प्राथमिकता दे रही है। एक बड़े निवेश सम्मेलन में 26.61 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और करीब 17 लाख रोजगार बनने की संभावना बताई गई।
