CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश सरकार महिलाओं के लिए कई प्रकार की योजना चला रही है। जिसका असर देखने को मिल रहा है। लाखों को महिलाओं को इसका फायदा मिल रहा है। हम बात करें तो मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के बारे में, जानकारी के मुताबिक योजना असंगठित कामगारों के रूप में पंजीकृत 18 वर्ष से अधिक आयु की गर्भवती महिलाओं को मातृत्व सहायता प्रदान करती है। यह लाभ केवल सरकारी अस्पतालों में होने वाले प्रसवों पर लागू होता है और अधिकतम दो जीवित जन्मों तक सीमित है। इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं देखभाल हेतु 16000 रूपये की धनराशि दी जाती है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के फायदें
मध्यप्रदेश के CM Mohan Yadav ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “स्वस्थ नारी, खुशहाल परिवार, मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना से मातृ शक्ति को संबल मिला है। गर्भवती महिलाओं को पोषण एवं देखभाल हेतु दी जा रही 16000 रूपये की सहायता धनराशि है।
स्वस्थ नारी, खुशहाल परिवार…
मुख्यमंत्री श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना से मातृ शक्ति को संबल मिला है…#NariShaktiVandan pic.twitter.com/l47FwnoXZ5
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) April 27, 2026
योजना के तहत अब तक 47.45 लाख माताओं को 3993.13 करोड़ की राशि वितरित की गई है”। वहीं अगर इसके मायदे की बात करें तो गर्भावस्था के दौरान 4000 रूपये गर्भावस्था के अंतिम तिमाही तक निर्धारित अवधि में डॉक्टर या एएनएम द्वारा चार प्रसवपूर्व जांच कराना आवश्यक है। दूसरी किस्त – सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने का खर्च 12000 रूपये है।
इसके लिए शीघ्र स्तनपान शुरू करना, नवजात शिशु का पंजीकरण और संस्थागत प्रसव आवश्यक है। शिशु को बीसीजी, ओपीवी और हेपेटाइटिस बी के टीके की खुराके मिलनी चाहिए।
योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता –
अगर इस योजना के पात्रता की बात करें तो –
- आवेदक गर्भवती महिला होनी चाहिए।
- आवेदक की आयु 18 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
- आवेदक का असंगठित श्रमिक के रूप में पंजीकृत होना आवश्यक है।
- आवेदक को सरकारी अस्पताल में प्रसव कराना चाहिए।
- आवेदक के पहले से ही दो जीवित बच्चे नहीं होने चाहिए।
बता दें कि इस योजना के तहत अभी 47 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं को फायदा पहुंच चुका है।






