Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार पानी की हर बूंद को बचाने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। एमपी में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस संबंध में एक व्यापक अभियान भी चला रही है। मोहन सरकार का ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ काफी तेज गति से जारी है। एमपी सरकार ने इस कैंपेन का तीसरा चरण में पहुंच गया है। वहीं, पिछले दोनों चरणों के दौरान सरकार ने 3.5 लाख से अधिक जलस्रोतों का पुनर्जीवन किया है।
मोहन यादव सरकार ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को दे रही गति
आपको बता दें कि मोहन यादव सरकार ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ पानी की हर बूंद को संरक्षित करने की पहल है। एमपी सरकार इस अभियान के जरिए राज्य के हर गांव, हर निकाय और हर शहर की भागीदारी को शामिल करना चाहती है। सरकार की इस पहल में जनभागीदारी के जरिए ही जल संरक्षण और जल संचयन का कार्य व्यापक स्तर पर किया जा रहा है।
सरकार इस अभियान के जरिए राज्य के सूखते जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना चाहती है। वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और साथ ही भूजल स्तर में सुधार लाना। प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जल संकट को कम करना भी मुख्य मकसद है। वहीं, सरकार के इन प्रयासों से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ती है। सूखा प्रभावित क्षेत्रों में राहत पहुंचती है। पर्यावरण संतुलन बेहतर होता है और पीने के पानी की समस्या में कमी आती है।
प्रदेशभर में जल संरक्षण और संचयन की व्यापक पहल
आइए, इस जनअभियान से जुड़ें और जल सुरक्षा का संकल्प लें @DrMohanYadav51 @minmpwrd #CMMadhyaPradesh pic.twitter.com/LHQOfZEWme
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 6, 2026
सीएम मोहन यादव ने गेहूं की खरीद के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
वहीं, बीते दिन बीजेपी के कद्दावर नेता और एमपी के सीएम मोहन यादव ने गेहूं उपार्जन की तैयारियों की समीक्षा बैठक की। इस दौरान सीएम मोहन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गेहूं उपार्जन व्यवस्था को सरल, सहज और सुविधाजनक बनाया जाये। किसानों को उपार्जन केन्द्र तक आने और गेहूं बेचने में किसी भी तरह की कठिनाई न हो। प्रदेश के किसानों का हर तरह से कल्याण हमारी प्रतिबद्धता है। सरकार हर घड़ी किसानों के साथ है।’
सीएम ने कहा, ‘उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं खरीदा जायेगा। मंगलवार, 7 अप्रैल से पंजीकृत किसानों की स्लॉट बुकिंग प्रारंभ होगी। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 अप्रैल से खरीदी प्रारंभ होगी। छोटे किसानों को खरीदी में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।’
