Mohan Yadav: किसान समर्थित मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान कई कल्याणकारी निर्णयों से राज्य के अन्नदाताओं को राहत प्रदान की है। एमपी सरकार सशक्त किसानों के साथ प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रही है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित के लिए वार्षिक सहायता से लेकर एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत कई चीजों को लागू किया है। इससे किसानों की जीवनशैली में सुधार लाने का प्रयास किया गया है।
मोहन यादव सरकार ने किसानों के हित के लिए उठाए ये कदम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स यानी ट्विटर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया, किसानों की उन्नति के साथ समृद्धि के पथ पर मध्य प्रदेश आगे बढ़ रहा है। 84 लाख से अधिक किसानों को 12000 रुपये वार्षिक सहायता (पीएम किसान सम्मान एवं मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना)। गेहूं पर 40 रुपये/क्विंटल बोनस धान पर 4000 रुपये/हेक्टेयर प्रोत्साहन। मूंग-उड़द एमएसपी पर खरीदी उड़द पर 600 रुपये बोनस।
सोयाबीन की पहली बार एमएसपी पर खरीदी, 1500 करोड़ रुपये भावांतर भुगतान। 24 लाख से ज्यादा किसानों को 2106 करोड़ रुपये आपदा राहत। 0% ब्याज पर फसल ऋण 1.79 करोड़ किसानों को फसल बीमा सुरक्षा। इन सभी कदमों से एमपी के किसान समृद्ध और सशक्त बन रहे हैं।
किसानों की उन्नति के साथ समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ता मध्यप्रदेश @DrMohanYadav51 @minmpkrishi #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/qbb7WYkkhF
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 11, 2026
सीएम मोहन यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं को दी खुशखबरी
वहीं, बीते दिनों एमपी के चीफ मिनिस्टर मोहन यादव ने किसानों के लिए एक राहतभरी जानकारी साझा की। सीएम मोहन यादव ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) को मंजूरी अन्नदाताओं के हित में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय निर्णय है। खरीफ सीजन-2026 के लिए फॉस्फेट एवं पोटेशियम उर्वरकों पर पोषक तत्व आधारित सब्सिडी हेतु लगभग 41533.81 करोड़ रुपये की बजटीय व्यवस्था को स्वीकृति प्रदान की गई है।’
उन्होंने आगे बताया, ‘वैश्विक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय कीमतों के रुझानों के बावजूद सरकार ने किसानों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह सुनिश्चित किया है कि उर्वरक रियायती, किफायती एवं उचित दरों पर उपलब्ध हों और उन पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। यह निर्णय कृषि लागत को संतुलित कर किसानों की आय व उत्पादन क्षमता को सुदृढ़ करेगा। किसान-हितैषी इस पहल के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल का हार्दिक आभार!’






