Mohan Yadav: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार कई अलग-अलग हितकारी योजनाओं के दम पर राज्यवासियों का कल्याण करने में जुटी हुई है। एमपी में बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली सरकार किसानों से लेकर छोटे कारोबारियों के लिए भी कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही है। इसी क्रम में एमपी में पीएम स्वनिधि योजना के जरिए काफी तेजी से लोगों को विकसित मध्य प्रदेश मिशन के साथ जोड़ा जा रहा है। सीएम मोहन ने प्रदेश के पथ-विक्रेताओं के लिए कई सशक्त पहल को शुरू किया है।
मोहन यादव सरकार पथ-विक्रेताओं को दे रही आर्थिक मदद
बता दें कि एमपी में सीएम मोहन यादव की अध्यक्षता में पीएम स्वनिधि योजना को लागू करने की बात करें, तो यह देश के सबसे बेहतर प्रदेशों में में शामिल है। इस स्कीम के जरिए छोटे कारोबारियों को तगड़ा मुनाफा हुआ है। सरकार के इस कदम को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त पहल माना जा रहा है। मध्य प्रदेश में पथ-विक्रेताओं को मिल आर्थिक संबल और सम्मानजनक आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। ऐसे में एमपी को इस योजना के तहत बेस्ट परफॉर्मेंस राज्य का अवार्ड मिला।
मालूम हो कि पीएम स्वनिधि योजना केंद्र सरकार की एक खास योजना है, जो छोटे दुकानदारों और रेहड़ी-पटरी वालों को आर्थिक मदद देने के लिए शुरू की गई है। इस स्कीम के तहत लघु उद्योग शुरू करने के लिए माइक्रो लोन मिल सकता है। इसे जून 2020 में शुरू किया गया। छोटे व्यापारियों को बिना गारंटी लोन देकर बिजनेस फिर से चालू कराना इस योजना का मुख्य मकसद है।
पीएम स्वनिधि योजना
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सशक्त पहल➡️मध्यप्रदेश में पथ-विक्रेताओं को मिल रहा है आर्थिक संबल और सम्मानजनक आजीविका के नए अवसर@DrMohanYadav51 @MoHUA_India @mpurbandeptt #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/gHErCs2Rif
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 25, 2026
मोहन यादव सरकार 5 लाख से अधिक लोगों को दे चुकी है योजना का लाभ
पीएम स्वनिधि योजना के तहत छोटे कारोबारियों को 90000 रुपये तक का बिना गारंटी का लोन मिल सकता है। अगर लोन का समय पर भुगतान किया जाए, तो 7 फीसदी की ब्याज सब्सिडी भी मिल सकती है। एमपी में मोहन यादव की सरकार ने इस योजना को व्यापक स्तर पर लागू किया है। ऐसे में पूरे प्रदेश में 4.5 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स इस योजना के लिए रजिस्टर हो चुके हैं। इस स्कीम से लाखों लोगों को लोन और सहायता मिल चुकी है। पहले ही चरण में 5 लाख से अधिक लोगों को 10000 तक लोन दिया गया है। ऐसे में एमपी सरकार इस योजना के जरिए राज्य में छोटे व्यापारियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।






