Mohan Yadav: सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार समाज के सभी वर्गों को विकास की बयार में शामिल कर रही है। बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार एमपी वासियों को सभी जरूरी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। एमपी सरकार सभी प्रदेशवासियों को सस्ती और सुलभ बिजली प्रदान कर रही है। साथ ही प्रदेश को व्यापार और उद्योग के लिए अनुकूल बनाने की पुरजोर कोशिश कर रही है। इसी बीच मोहन सरकार राज्य में निवेश और रोजगार पर भी ध्यान दे रही है। राजस्थान के जयपुर में आयोजित समारोह में सरकार को बड़े स्तर पर निवेश के प्रस्ताव मिले हैं।
CM Mohan Yadav की अगुवाई में विकास के पथ पर मध्य प्रदेश
राजस्थान के जयपुर में आयोजित “इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” आयोजन के दौरान मोहन यादव सरकार को 5055 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3530 से अधिक रोजगार की संभावनाएं हैं। ऐसे में एमपी सरकार निवेश के लिए राजस्थान से भी फायदा लेगी।
निवेश के लिए आयोजित सत्र में राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और विभिन्न औद्योगिक समूहों के 400 से अधिक निवेशकों ने भागीदारी की। मध्यप्रदेश टेक्सटाइल, इंजीनियरिंग, फूड प्रोसेसिंग, आईटी/आईटीईएस, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और रिन्यूएबल एनर्जी एवं पर्यटन जैसे क्षेत्रों में तेजी से उभरता निवेश गंतव्य बन रहा है।
संभावनाओं की धरा है यह विशेष,
राजस्थान से भी होगा निवेश…शनिवार को जयपुर में आयोजित Interactive Session on Investment Opportunities in Madhya Pradesh में मध्यप्रदेश के लिए ₹5055 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे 3530 से अधिक रोजगार की संभावनाएं हैं। pic.twitter.com/MfxQEMyCDi
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 22, 2026
सीएम मोहन यादव बोले- ‘मध्य प्रदेश हर सेक्टर में तेज गति से आगे बढ़ रहा है’
वहीं, मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा, ‘मध्य प्रदेश में हर क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 26 अनुकूल नीतियां हैं, इसके साथ ही उद्योगों और निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। व्यापार एवं उद्योगों को प्रोत्साहन देने के लिए मध्यप्रदेश में सभी आवश्यक संसाधनों के साथ-साथ सबसे किफायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। मध्य प्रदेश हर सेक्टर में तेज गति से आगे बढ़ रहा है। राज्य में पीपीपी मॉडल के आधार पर मेडिकल कॉलेजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। मध्य प्रदेश और राजस्थान जुड़वां भाइयों की तरह हैं। दोनों राज्य निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर हैं।’
