Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार प्रदेशवासियों की भलाई के लिए काफी गंभीरता के साथ महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। एमपी की बीजेपी यानी भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने अब तक राज्य के किसानों, महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं को लागू किया है। ऐसे में पिछले दिन सीएम मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट बैठक का आयोजन हुआ। इस दौरान एमपी सरकार ने किसानों समेत कई विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की।
सीएम मोहन यादव ने कई विकास कार्यों को दी मंजूरी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में बीजेपी सरकार ने जनकल्याणकारी महत्वपूर्ण योजनाओं और विकास कार्यों के लिए 16720 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी। साथ ही आगामी 3 वर्षों के लिए चना एवं मसूर के उपार्जन के लिए 3174 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदन की। इसके अलावा, भोपाल में अत्याधुनिक ‘वित्तीय प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान’ (एफटीआरआई) की स्थापना की मंजूरी दी।
वहीं, एमपी सरकार ने किसानों को राहत देते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। मोहन यादव की सरकार ने गेहूं उपार्जन वर्ष 2026 के तहत अब घोषित तिथि से एक दिन पहले यानी 9 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर खरीदी प्रारंभ होगी। सरकार के इस कदम से अन्नदाता खुशहाल होंगे और यही मध्य प्रदेश की पहचान बनेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।@DrMohanYadav51 #CMMadhyaPradesh #CabinetDecisionsMP #CabinetMP pic.twitter.com/YN1vjmfrNl
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) April 7, 2026
इसके अलावा, केंद्र सरकार ने किसानों की जीवनशैली सुधारने के लिए एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल रखा है। ऐसे में एमपी सरकार 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से किसानों को बोनस का लाभ भी प्रदान कर रही है। एमपी सरकार के इस कदम से कुल उपार्जन दर 2625 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगी।
सीएम मोहन यादव ने कुंभ मेले 2028 की तैयारियों का लिया जाएजा
वहीं, एमपी में मोहन यादव सरकार ने सिंहस्थ 2028 यानी कुंभ मेले की तैयारियों हेतु गठित मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में 2985 करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को स्वीकृति दी। साथ ही अधिकारियों को सभी कार्य दीपावली 2027 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
सीएम मोहन ने कहा, ‘सभी संबंधित विभाग सफल आयोजन हेतु प्रबंधन, विकास कार्यों की निगरानी एवं समीक्षा तथा सूचना व संचार गतिविधियों के लिए आवश्यक अधिकारियों-कर्मचारियों की तत्काल पूर्ति करें। सिंहस्थ से जुड़े विभिन्न दायित्वों के लिए सघन प्रशिक्षण की व्यवस्था प्रारंभ हो। अधोसंरचना से जुड़े सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए। सिंहस्थ से संबंधित सभी कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए।’ बता दें कि एमपी के उज्जैन में 2028 में कुंभ मेले का आयोजन किया जाएगा।






