Indore News: ‘उधार पैसा लेकर कराया इलाज..,’ दूषित जल पीने से मचे हाहाकार के बीच सरकारी दावे की खुली पोल, मृतकों की संख्या बढ़ी; वीडियो वायरल

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Picture Credit: सोशल मीडिया

Indore News: अपनी स्वच्छता को लेकर देश-दुनिया में चर्चित इंदौर शहर में हाहाकार की स्थिति है। खबरों की मानें तो इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित जल पीने से करीब 8 लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच ऑन कैमरा उस सरकारी दावे की पोल भी खुलती नजर आई जिसमें दूषित जल की चपेट में आने से बीमार लोगों को मुफ्त इलाज उपलब्ध कराने का दावा किया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी के समक्ष कुछ लोग एकजुट हुए जिन्होंने बताया है कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों से पैसे वसूल रहा है। ऐसे ही एक सख्श ने ऑन कैमरा कहा कि उसने उधार पैसा लेकर अपने परिजन का इलाज कराया है। इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से सुर्खियां बटोर रहा है।

दूषित जल पीने से मचे हाहाकार के बीच सरकारी दावे की खुली पोल

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित जल पीने से मचे हाहाकार के बीच सरकारी दावे की पोल खुल गई है।

सचिन गुप्ता नामक एक्स हैंडल यूजर ने इससे जुड़ा एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें मरीजों के परिजन अपनी व्यथा बता रहे हैं। सामने कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी नजर आ रहे हैं जिनके समक्ष ये बातें कही जा रही हैं। पीड़ित परिजन कहते हैं कि अस्पताल में काउंटर पर हमसे 50000 रुपए मांगे गए। वहीं एक पीड़ित कह रहे हैं कि उन्होंने उधार पैसे लेकर अपने मरीज का इलाजा कराया है। तमाम अन्य लोग भी इन दावों का समर्थन कर रहे हैं। ऐसा होना उस सरकारी दावे की पोल खोलता है जिसमें दूषित जल पीने से बीमार पड़े लोगों के लिए मुफ्त इलाज की बात कही गई है। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खुद इस बात को जोर देकर कहा। हालांकि, धरातल पर सच्चाई कुछ और नजर आ रही है।

मृतकों की संख्या में इजाफा

भागीरथपुरा इलाके में दूषित जल पीने से बीमार पड़े लोगों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया जा रहा है। पत्रिका की रिपोर्ट के मुताबिक जो मृतकों की संख्या 5 थी, वो अब 8 पर पहुंच गई है। हाहाकार मचने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भागीरथपुरा के 2700 घरों में पहुंचकर सर्वे कर चुकी है। 1000 से ज्यादा संख्या में बीमार लोग अस्पताल का रुख कर चुके हैं और इलाज जारी है। प्रभावित इलाके में लोगों के बीच डर का ऐसा माहौल है, कि वे पानी पीने तक से डर रहे हैं। इस विषम परिस्थिति के बीच सरकार लगातार स्वास्थ्य विभाग को निर्देश जारी कर रही है।

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