Mumbai Bandra Demolition: बीते दो दिनों से बांद्रा स्टेशन के पास बसे अवैध झुग्गियों को हटाया जा रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद रेलवे और बीएमसी की तरफ से यह कार्रवाई दकी जा रही है। बताते चले कि यह बुलडोजर एक्शन बांद्रा स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में रेलवे की अनिधकृत ढाँचों को हटाया गया है।
वहीं बीते दिन कार्रवाई के दौरान वहां पर मौजूद लोगों ने प्रशासन के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद पूरी तरह से अफरातफरी मच गई। वहीं अब प्रशासन ने इस मामले में एक्शन लेते हुए एफआईआर दर्ज कर लिया है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़े लेटेस्ट अपडेट।
5 दिन तक चलेगी कार्रवाई
जानकारी के मुताबिक Mumbai Bandra Demolition का आज तीसरा दिन है और आज भी बुलडोजर एक्शन इसी बीच बांद्रा (पूर्व), पश्चिमी रेलवे के पीआरओ विनीत अभिषेक ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि “हमारा विध्वंस अभियान कल से शुरू हुआ और पाँच दिनों तक चलेगा। लगभग 1,200 कर्मियों की मुख्य तैनाती इस पूरी अवधि के दौरान बनी रहेगी।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: On Western Railway 2nd day demolition drive in Garib Nagar, Bandra (East), PRO Western Railway Vineet Abhishek says, “… Our demolition drive began yesterday and will continue for five days. The main deployment of around 1,200 personnel will remain… pic.twitter.com/vTPUhSRsXl
— ANI (@ANI) May 20, 2026
आज दूसरा दिन है, और अब तक हमने विध्वंस कार्य का लगभग 60% पूरा कर लिया है, जबकि पहले दिन यह 20% ही पूरा हुआ था। यह 1,200 से अधिक लोगों के समर्पित प्रयासों के कारण संभव हुआ है – जिनमें नगर पुलिस के 500, आरपीएफ के 250, जीआरपी के 200 और शेष रेलवे प्रशासन, इंजीनियरिंग और अन्य विभागों के कर्मी शामिल हैं”।
मुंंबई पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
जानकारी के मुताबिक मुंबई के बांद्रा ईस्ट में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान उस समय हिंसा भड़क उठी जब भीड़ ने कथित तौर पर अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान पुलिस पर पत्थर फेंके। मुंबई पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों और 100-150 अज्ञात लोगों के खिलाफ कई धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है।
कई पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं और जांच जारी है। प्रशासन का साफ कहना है कि यह कार्रवाई हाईकोर्ट के आदेश के बाद की जा रही है। जानकारी के मुताबिक 500 घरों को हटाने का आदेश दिया गया है। बता दें बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिया घटना को रोका जा सके।
