Om Birla: ब्रिक्स पार्लियामेंट्री फोरम का आयोजन भारत की मेजबानी में 26 अक्टूबर से शुरू होने वाला है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने और आतंकवाद जैसे गंभीर मुद्दों पर साझा सहमति बनने की उम्मीद है। वहीं इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश के कई महत्वपूर्ण राजनीतिक और कानूनी मुद्दों पर खुलकर बात की है। इस दौरान उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद और विपक्ष के हल्ला बोल पर प्रतिक्रिया दी है। इतना ही नहीं संसद के सत्र के नियम को लेकर भी बात करते हुए दिखे। आइए जानते हैं पूरी खबर क्या है और किस तरह से उन्होंने ज्ञानेश कुमार का साथ देकर विपक्ष का मुंह बंद किया है।
OM Birla से विपक्ष को मिला जवाब
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर बात करते हुए ओम बिरला ने कहा कि “उनके पद से हटाने की मांग को लेकर कानूनी प्रक्रिया पर ही काम होगा। कोई भी मनमानी नहीं चलेगी। अगर विपक्ष की तरफ से कोई प्रस्ताव लाया जाता है तो बिना किसी बदलाव के वही नियम लागू किए जाएंगे जो सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने के लिए अपनाए जाते हैं।” ज्ञानेश कुमार पर विपक्ष की तरफ से मनमाना काम करने का आरोप लगाया गया था। ऐसे में उन्होंने राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू से हटाने की मांग की है। 2023 के इम्युनिटी कानून को रद्द करने की मांग की है।
संसद सत्र में देरी को लेकर क्या बोले ओम बिरला
इतना ही नहीं ओम बिरला ने मानसून सत्र के बाद संसद के औपचारिक सत्रावसान में देरी को लेकर भी चुप्पी तोड़ी है जिस पर विपक्ष सवाल उठा रहे थे। उन्होंने इसे सामान्य बताते हुए कहा कि संविधान के अनुच्छेद के तहत 2 सत्रों के बीच 6 महीने से अधिक का अंतर नहीं होना चाहिए। टीएमसी के बागी विधायकों को लेकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है इस पर जल्द ही निर्णय लिए जाएंगे।







