---Advertisement---

Punjab News: केन्द्रीय कृषि मंत्री ने सराहा पंजाब का मॉडल: AAP सरकार का पराली मैनेजमेंट बना राष्ट्रीय उदहारण

Punjab News: मोगा के रनसिह कला गांव का नाम अब पूरे देश में गूंज रहा है, और इसका श्रेय पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों को जाता है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव का दौरा करने के बाद खुलकर कहा कि पंजाब ने पराली प्रबंधन में जो मिसाल कायम की है, वह पूरे देश के लिए अनुकरणीय है। यह मान्यता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भगवंत मान सरकार ने पराली जैसी चुनौती को न केवल नियंत्रित किया, बल्कि इसे पंजाब मॉडल के रूप में देश के सामने रखा।

Avatar of Aarohi

By: Aarohi

Published: नवम्बर 29, 2025 6:09 अपराह्न

Punjab News
Follow Us
---Advertisement---

Punjab News: मोगा के रनसिह कला गांव का नाम अब पूरे देश में गूंज रहा है, और इसका श्रेय पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नीतियों को जाता है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गांव का दौरा करने के बाद खुलकर कहा कि पंजाब ने पराली प्रबंधन में जो मिसाल कायम की है, वह पूरे देश के लिए अनुकरणीय है। यह मान्यता इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि भगवंत मान सरकार ने पराली जैसी चुनौती को न केवल नियंत्रित किया, बल्कि इसे पंजाब मॉडल के रूप में देश के सामने रखा।

पंजाब सरकार की नीतियां जमीन पर कितनी प्रभावी हैं

रनसिह कला गांव पिछले छह वर्षों से एक भी पराली जलाने की घटना से मुक्त है—यह उपलब्धि दिखाती है कि पंजाब सरकार की नीतियां जमीन पर कितनी प्रभावी हैं। मान सरकार ने किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों, मशीनरी, प्रोत्साहन और प्रशिक्षण के माध्यम से सक्षम बनाकर पराली समाधान को व्यवहारिक और सफल बनाया। चौहान द्वारा दिए गए सार्वजनिक समर्थन ने इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर और मज़बूत कर दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने गांव में ‘मक्की दी रोटी’ और ‘सरसों दा साग’ का स्वाद लेते हुए पंजाब की जनता के प्यार और भगवंत मान सरकार की ग्रामीण नीतियों की प्रशंसा की। उनका यह कदम केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि यह स्वीकारोक्ति थी कि पंजाब पर्यावरण-अनुकूल खेती की दिशा में देश का नेतृत्व कर रहा है। चौहान ने कहा कि पंजाब आकर उन्हें महसूस हुआ कि पराली प्रबंधन का वास्तविक और सफल मॉडल यहीं तैयार हुआ है।

रनसिह कला केवल पराली न जलाने के कारण विशेष नहीं है। यहां पंजाब सरकार द्वारा प्रेरित कई विकासात्मक अभियानों ने गांव को एक आदर्श ग्राम बना दिया है। किसानों को पराली न जलाने पर नकद प्रोत्साहन, फलदार पौधे लगाने के लिए इनाम योजना, गांव की लाइब्रेरी में पढ़ने की संस्कृति को बढ़ावा, प्लास्टिक-फ्री गांव अभियान, रेन हार्वेस्टिंग और नशामुक्ति कार्यक्रम—ये सभी पहलें दिखाती हैं कि भगवंत मान सरकार गांवों को केवल कृषि नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से भी मजबूत बना रही है।

इस वर्ष पराली जलाई गई घटनाओं में 83% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है

पंजाब सरकार के प्रयासों का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह है कि इस वर्ष पराली जलाई गई घटनाओं में 83% की ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है। यह वही राज्य था जिसे पराली मुद्दे पर लगातार निशाना बनाया जाता था, लेकिन आज यह राज्य केंद्र सरकार के मंत्री द्वारा प्रशंसित एक सफल मॉडल बन चुका है। यह उपलब्धि पंजाब सरकार के दृढ़ नेतृत्व और किसानों की सक्रिय भागीदारी का संयुक्त परिणाम है।

कई किसानों के मन में यह प्रश्न रहता है कि यदि पराली न जलाई जाए, तो गेहूं की बुवाई कैसे होगी। रनसिह कला का उदाहरण इस शंका का सीधा जवाब है। यहां मिट्टी की उर्वरता बढ़ी है, रासायनिक उर्वरक 30% तक कम हुए हैं और खेतों में पर्यावरणीय संतुलन बेहतर हुआ है। यह मॉडल दिखाता है कि भगवंत मान सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए समाधान न केवल पर्यावरण सुरक्षित रखते हैं, बल्कि खेती को अधिक उत्पादक और आर्थिक रूप से लाभदायक भी बनाते हैं।

पंजाब का यह मॉडल स्थानीय सीमा पार कर राष्ट्रीय पहचान बना चुका है

अब पंजाब का यह मॉडल स्थानीय सीमा पार कर राष्ट्रीय पहचान बना चुका है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने इसे पूरे देश में अपनाने की अपील करते हुए स्पष्ट कहा कि वे इस सफलता को सभी राज्यों तक ले जाना चाहते हैं। यह पंजाब सरकार के लिए एक बड़ा सम्मान है और इस बात का प्रमाण भी कि भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य कृषि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में देश को नई राह दिखा रहा है।

For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

मार्च 8, 2026

CM Bhagwant Mann

मार्च 8, 2026

 Punjab News

मार्च 8, 2026

Rashifal 9 March 2026

मार्च 8, 2026

कल का मौसम 9 March 2026

मार्च 8, 2026

US-Israel-Iran-War

मार्च 8, 2026