Bhagwant Mann: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बेअदबी कानून को पूरी सख्ती के साथ लागू कर दिया है। एएपी यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए फिर से दोहराया है कि पंजाब सरकार श्री गुरु ग्रंथ साहिब और सभी धार्मिक ग्रंथों की पवित्रता और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सीएम मान ने कहा, ‘हाल ही में लागू किया गया बेअदबी विरोधी कानून केवल उन लोगों को कड़ी सजा सुनिश्चित करने के लिए लाया गया है, जो धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने और शांति भंग करने का प्रयास करते हैं। बेअदबी विरोधी कानून को दुनिया भर की संगत से जबरदस्त समर्थन मिला है।’
सीएम भगवंत मान बोले- ‘सरकार इस कानून को वापस नहीं लेगी’
पंजाब सरकार का नया ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ लागू हो चुका है। इसमें बेअदबी के मामलों में 7 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा और 25 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। पंजाब के सीएम मान ने एक बार फिर दोहराया कि सरकार इस कानून को वापस नहीं लेगी और यह गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्रता की रक्षा के लिए बनाया गया है। दूसरी तरफ, एसजीपीसी यानी शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अकाल तख्त ने कानून की कुछ धाराओं पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक मामलों में सरकार को सीधे दखल नहीं देना चाहिए।
Taking a firm stand on the anti-beadbi law, Chief Minister @BhagwantMann reiterated that the Punjab Government remained fully committed to protecting the sanctity and respect of Sri Guru Granth Sahib Ji and all religious scriptures. He said the recently enacted anti-sacrilege law… pic.twitter.com/RY6ZqH3QsB
— CMOPb (@CMOPbIndia) May 10, 2026
सीएम भगवंत मान ने पुरानी मांग के आधार पर लागू किया कानून
जानकारी के मुताबिक, एसजीपीसी ने हाल ही में गुरु ग्रंथ साहिब के “सरूप” वितरण सेवा को अस्थायी रूप से रोक दिया था, ताकि नए कानून और रिकॉर्ड सिस्टम की समीक्षा की जा सके। कानून में अब डिजिटल और एआई कंटेंट को भी शामिल किया गया है। हाल में सोशल मीडिया पर वायरल एक एआई तस्वीर को लेकर नया विवाद खड़ा हुआ, जिसके बाद धार्मिक संगठनों ने सख्त डिजिटल निगरानी की मांग की। यह मुद्दा 2015 के बेअदबी मामलों के बाद से पंजाब की राजनीति का बड़ा विषय बना हुआ है, और भगवंत मान सरकार द्वारा 2026 का नया कानून उसी संदर्भ में लाया गया है।
