Bhagwant Mann: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने जनगणना 2027 के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएपी यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने बताया, ‘जनगणना 2027 दो चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण, जिसमें 30 अप्रैल 2026 से 14 मई 2026 तक ‘स्व-गणना’ शामिल है, और इसके बाद 15 मई 2026 से 13 जून 2026 तक घर-घर जाकर गणना की जाएगी; तथा दूसरा चरण, यानी ‘जनसंख्या गणना’, 9 फरवरी 2027 से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित है।’
भगवंत मान सरकार ने ‘जनगणना 2027 पर दी अहम डिटेल
एएपी सरकार ने आगे विशेष जोर देते हुए बताया, ‘जनगणना 2027 पहली बार डिजिटल माध्यम से आयोजित की जाएगी, जिसमें मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा, और साथ ही ऑनलाइन पोर्टल (https://se.census.gov.in) के माध्यम से ‘स्व-गणना’ की सुविधा भी शुरू की जाएगी। जनगणना 2027 के लिए एक राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर (1855) पंजाब में 30.04.2026 से चालू हो जाएगा, ताकि जनता को ‘स्व-गणना’, ‘मकानों की सूची बनाने के कार्य’ और शिकायतों के निवारण से संबंधित प्रश्नों में सहायता मिल सके।’
A joint press conference was held to brief the media regarding Census 2027. It was informed that Census 2027 will be conducted in two phases. Phase-I, which includes Self-Enumeration from 30th April 2026 to 14th May 2026, followed by house-to-house enumeration from 15th May 2026… pic.twitter.com/VasaUc2pNm
— CMOPb (@CMOPbIndia) April 26, 2026
सीएम भगवंत मान ने टर्कू विश्वविद्यालय की विशेष यात्रा की
उधर, बीते दिनों पंजाब के सीएम भगवंत मान फिनलैंड गए हुए थे। इस यात्रा की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया, ‘फिनलैंड में, टर्कू विश्वविद्यालय की एक विशेष यात्रा के दौरान, विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सार्थक चर्चाएं हुईं। इसके अतिरिक्त, कुकुलो-मोइकोइनेन प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा और देखभाल केंद्र का भी दौरा किया गया, ताकि उनके आधुनिक शिक्षा मॉडल और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए तैयार की गई प्रणालियों को देखा जा सके।’
एएपी के सीनियर लीडर ने आगे कहा, ‘हमारे शिक्षक, फिनलैंड में प्रशिक्षण प्राप्त करते हुए, विश्व-स्तरीय शैक्षिक तकनीकों को अपना रहे हैं और उन्हें पूरे पंजाब के स्कूलों में लागू कर रहे हैं। स्कूलों में रटने की पद्धति को खत्म करने और ‘आनंदमयी शिक्षा’ को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं। हमारा प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उच्च-गुणवत्ता वाली शिक्षा हर बच्चे तक पहुँचे, और सरकार इस मिशन के प्रति पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।’






