Bhagwant Mann: पिछले 4 सालों के दौरान भगवंत मान सरकार ने पंजाब को प्रगति की राह पर अग्रसर किया है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में आप यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने सूबे के विकास के लिए हर सेक्टर को मजबूत करने का प्रयास किया है। मान सरकार ने एक नहीं, बल्कि कई सारी योजनाओं के जरिए पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने की कोशिश की है। ऐसे में आप सरकार ने महिलाओं को बड़ी खुशखबरी दी है। सरकार ने ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ का पंजीकरण शुरू होने की तारीख का ऐलान किया है।
भगवंत मान सरकार ने महिलाओं को दी खास गुडन्यूज
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने बताया, ‘मां-बेटी सम्मान योजना’ के तहत पंजीकरण पूरे पंजाब में 13 अप्रैल 2026 से शुरू होगा। इस योजना के जरिए सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति महीना मिलेगा। वहीं, एससी यानी अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति महीना मिलेगा। इस योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का उद्देश्य रखा गया है।
इसके तहत सरकार हर महीने सीधे पैसे महिलाओं के बैंक खाते में भेजती है। इस स्कीम का लाभ पंजाब की 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं ले सकती हैं। सरकार का दावा है कि लगभग 97% महिलाएं इस योजना के दायरे में आएंगी। हालांकि, आयकर देने वाली महिलाओं, वर्तमान या पूर्व सरकारी कर्मचारी और सांसद या विधायक आदि जैसे सरकारी पद का लाभ उठा चुकीं महिलाओं का इसका फायदा नहीं दिया जाएगा।
ਮਾਵਾਂ-ਧੀਆਂ ਸਤਿਕਾਰ ਯੋਜਨਾ ਤਹਿਤ 13 ਅਪ੍ਰੈਲ 2026 ਤੋਂ ਪੂਰੇ ਪੰਜਾਬ ‘ਚ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਵੇਗੀ ਰਜਿਸਟ੍ਰੇਸ਼ਨ pic.twitter.com/ESoRsYa3Xz
— AAP Punjab (@AAPPunjab) April 11, 2026
सीएम भगवंत मान ने केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ की अहम बैठक
उधर, बीते दिन पंजाब के चीफ मिनिस्टर भगवंत मान ने दिल्ली में केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस दौरान आढ़तियों की मांगों सहित पंजाब से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ‘बैठक के दौरान पंजाब में पड़े 155 लाख मीट्रिक टन गेहूं और चावल को शीघ्र उठाने तथा आरडीएफ के बकाया 9000 करोड़ रुपये के तत्काल भुगतान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे केंद्र सरकार के समक्ष रखे।’
सीएम मान ने आगे कहा, ‘इसके साथ ही कैश क्रेडिट लिमिट पर राज्यों को लगने वाले अधिक ब्याज में कटौती करने और आढ़तियों की केंद्र से संबंधित मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर विचार करने की मांग भी की गई। इसके अलावा, मंडी मजदूरों के ईपीएफ से जुड़े मामलों को जल्द हल करने की अपील की और बेमौसमी बारिश से हुए नुकसान के लिए किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी गई। मुझे खुशी है कि केंद्रीय मंत्री जी की ओर से इन सभी मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। पंजाब के हितों की रक्षा के लिए हम लगातार प्रयासरत हैं।’
