Bhagwant Mann: पंजाब की ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ ने पूरे किए 2 साल, सरकार की अनोखी पहल से रोड एक्सिडेंट्स के मामलों में आई भारी कमी

Bhagwant Mann: पंजाब की भगवंत मान सरकार राज्य के नागरिकों को सड़क हादसों से बचाने के लिए 'सड़क सुरक्षा फोर्स' चला रही है। इसे सोमवार को 2 साल हो गए। ऐसे में रोड एक्सिडेंट के मामलों में काफी कमी देखने को मिली है।

Bhagwant Mann: पंजाब की आप यानी आम आदमी पार्टी की सरकार प्रदेश के लोगों के लिए लगातार फायदे वाली योजनाओं को ला रही है। मुख्यमंत्री भगवत मान की अगुवाई में आप सरकार सूबे के निवासियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के मोर्चे पर काफी सहायता कर रही है। ऐसे में मान सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या में कमी लाने के लिए 2 साल पहले ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ का गठन किया था। ऐसे में सोमवार को पंजाब सरकार की इस अनोखी पहल को 2 साल पूरे हो गए। इस दौरान सीएम मान ने प्रदेशवासियों को खुशखबरी दी।

CM Bhagwant Mann ने ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ को लेकर अहम जानकारी साझा की

आप के सीनियर लीडर और पंजाब के सीएम भगवंत मान ने एक्स यानी ट्विटर पर पोस्ट कर बताया, ‘राज्य के लोगों की सुरक्षा के लिए गठित देश की पहली ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ ने आज अपने दो वर्ष पूरे कर लिए हैं। सरकार की इस अनोखी पहल के कारण सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 48 प्रतिशत की कमी आई है।’

उन्होंने कहा, ‘SSF द्वारा मात्र 5 से 7 मिनट के भीतर दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा रहा हैं। अमूल्य जानों को बचाने की इस प्रभावी पहल को अपनाने के लिए अन्य राज्य भी हमारी सरकार से संपर्क कर रहे हैं। राज्य के हर नागरिक का जीवन हमारे लिए बहुमूल्य है और उसे बचाने में हम सफल भी हो रहे हैं।’

भगवंत मान सरकार का दावा- ‘पीड़ितों को कुछ ही सेकंड में मदद मिलती है’

पंजाब की भगवंत मान सरकार सड़क हादसों में मरने वाले लोगों की जान बचाने के लिए एसएसएफ यानी सड़क सुरक्षा फोर्स का गठन किया था। मान सरकार के मुताबिक, एसएसएफ में तैनात 1500 कर्मचारी पूरी लगन से ड्यूटी करते हैं। लोगों की सुरक्षा प्राथमिकता है, इन कर्मचारियों को किसी और ड्यूटी पर नहीं भेजा जाता
बड़े देशों की तरह, पीड़ितों को कुछ ही सेकंड में मदद मिलती है। पूरा सिस्टम एआई से जुड़ा है, मॉडर्न टेक्नोलॉजी से समय की बचत हो रही है।

मान सरकार ने बताया, एसएसएफ की वजह से पिछले दो सालों में सड़क हादसों में मरने वालों की संख्या 50% कम हो गई है। हादसों के बाद बदमाशों द्वारा पीड़ितों से लूटपाट भी बंद हो गई है और हाईवे पर लूटपाट की घटनाएं लगभग खत्म हो गई हैं।

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