Bhagwant Mann: एएपी यानी आम आदमी पार्टी की सरकार ने बीते 4 सालों के दौरान पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने का पूर्ण प्रयास किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में एएपी सरकार ने पंजाब के हर क्षेत्र को विकसित करने के लिए अहम कदम उठाए हैं। मान सरकार ने बुनियादी ढांचा, नौकरियां, स्वास्थ्य, एजुकेशन, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए कल्याणकारी निर्णय लिए हैं। यही वजह है कि अब पंजाब एक बार फिर विकास के पथ पर तेज गति से दौड़ रहा है।
भगवंत मान सरकार ने पंजाब को बेहतर बनाने की दिशा में उठाए कई कदम
पंजाब की भगवंत मान सरकार ने शिक्षा सेक्टर में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सूबे के सरकारी स्कूलों में 9000 से ज्यादा स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए।हजारों शिक्षकों को फिनलैंड जैसे देशों में ट्रेनिंग के लिए भेजा गया। 15000 से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स को रेगुलर किया गया। “स्कूल ऑफ एमिनेंस” मॉडल शुरू किया गया। पंजाब को स्कूली शिक्षा सूचकांकों में बेहतर प्रदर्शन वाला राज्य बताया गया।
वहीं, हेल्थ क्षेत्र को बेहतर करने के लिए मान सरकार ने कई साहसिक कदम लिए हैं। पंजाब में लगभग 1000 आम आदमी क्लीनिक शुरू किए गए। “मुख्यमंत्री सेहत योजना” के तहत परिवारों को 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दी गई। नए मेडिकल कॉलेजों और डॉक्टर भर्ती पर काम हुआ।
ਪਿਛਲੇ 70 ਸਾਲਾਂ ਦੇ ਵਿਗੜੇ ਹੋਏ ਤਾਣੇ-ਬਾਣੇ ਨੂੰ ਸੁਧਾਰਨ ਲਈ ਅਸੀਂ ਪੂਰੀ ਨਿਸ਼ਠਾ ਅਤੇ ਮਿਹਨਤ ਨਾਲ ਕੰਮ ਕੀਤਾ ਹੈ। ਮੁਫ਼ਤ ਬਿਜਲੀ, 65,000 ਤੋਂ ਵੱਧ ਨੌਕਰੀਆਂ ਅਤੇ ਮੁਫ਼ਤ ਸਿਹਤ ਸਹੂਲਤਾਂ ਇਸ ਇਮਾਨਦਾਰ ਨੀਤੀਆਂ ਦਾ ਸਪੱਸ਼ਟ ਸਬੂਤ ਹਨ। ਜਦੋਂ ਲੋਕਾਂ ਦਾ ਭਰੋਸਾ ਅਤੇ ਨੀਅਤ ਸਾਫ਼ ਹੋਵੇ, ਤਾਂ ਹਰ ਬਦਲਾਅ ਸੰਭਵ ਹੁੰਦਾ ਹੈ। pic.twitter.com/WJMT6Hb6vR
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) May 16, 2026
भगवंत मान सरकार ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध
एएपी सरकार ने पंजाब को रंगला पंजाब बनाने के लिए रोजगार और सरकारी नौकरियों में नए अवसर पैदा किए हैं। भगवंत मान सरकार का दावा है कि 4 साल में 65000 से ज्यादा सरकारी नौकरियां दी गईं। सबसे ज्यादा भर्ती शिक्षा, पुलिस, बिजली और स्वास्थ्य विभाग में हुई। भर्ती प्रक्रिया को मेरिट आधारित और पारदर्शी बताया गया।
वहीं, सूबे की कृषि और किसानों के लिए भी कई शानदार फैसले लिए गए हैं। मान सरकार ने किसानों को दिन में बिजली सप्लाई देने की व्यवस्था बढ़ाई गई। नहर सिंचाई का दायरा बढ़ाकर लगभग 78% खेतों तक पहुंचाने का दावा किया गया। फसल विविधीकरण और एमएसपी की मांग को केंद्र के सामने उठाया गया। पराली प्रबंधन मशीनों पर सब्सिडी दी गई। इसके अलावा, 600 यूनिट मुफ्त बिजली योजना जारी रखी गई। ‘डिजिटल पंजाब’ अभियान के तहत करोड़ों ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। ‘सरकार आपके द्वार’ और 1076 हेल्पलाइन सेवाओं का विस्तार किया गया।






