CM Bhagwant Mann: रेड लाइन से जुड़े जमीन मालिकों के दशकों से चले आ रहे हैं मामलों को सुलझाने के लिए ‘मेरा घर मेरे नाम’ महिम पंजाब सरकार की तरफ से चलाया जा रहा है। यह निश्चित तौर पर हजारों लोगों को उनके अपने घर के मालिकाना हक को दिलाने के लिए जरूरी है। इसके लिए सीएम भगवंत मान की जितनी तारीफ की जाए वह कम है। इस सबके बीच कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने वीडियो को शेयर करते हुए बताया कि यह स्कीम निश्चित तौर पर लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनी है। आइए जानते हैं आखिर पूरी डिटेल्स क्या है और कैसे सीएम भगवंत मान की पहले से लोगों के चेहरे पर खुशियां लौट आई है।
कैसे हजारों परिवार के लिए उम्मीद बने CM Bhagwant Mann
‘ਮੇਰਾ ਘਰ ਮੇਰਾ ਨਾਮ’ ਯੋਜਨਾ ਰਾਹੀਂ ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਲਾਲ ਲਕੀਰ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਜ਼ਮੀਨ ਮਾਲਕਾਂ ਦੇ ਦਹਾਕਿਆਂ ਤੋਂ ਲਟਕਦੇ ਮਸਲਿਆਂ ਦਾ ਹੱਲ ਕਰਕੇ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਪਰਿਵਾਰਾਂ ਨੂੰ ਘਰਾਂ ਦੀ ਮਾਲਕੀ ਦਾ ਹੱਕ ਦੇ ਰਹੀ ਹੈ।
ਜੋ ਕਿ ਲਾਲ ਲਕੀਰ ਨਾਲ ਸੰਬੰਧਿਤ ਜ਼ਮੀਨ ਮਾਲਕਾਂ ਦੇ ਲਈ ਇੱਕ ਰੌਸ਼ਨੀ ਦੀ ਕਿਰਨ ਬਣ ਕੇ ਉਭਰ ਰਹੀ ਹੈ। https://t.co/GHnokdTRK0
— Adv Harpal Singh Cheema (@HarpalCheemaMLA) October 9, 2026
पंजाब सीएम भगवंत मान के कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि ‘मेरा घर मेरा नाम’ स्कीम के ज़रिए मान सरकार रेड लाइन से जुड़े ज़मीन मालिकों के दशकों से चले आ रहे मामलों को सुलझा रही है और हज़ारों परिवारों को घर का मालिकाना हक़ दे रही है। जो रेड लाइन से जुड़े ज़मीन मालिकों के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है।” यह कहीं ना कहीं सरकार की वजह से संभव हो सका है।
कैसे ‘मेरा घर मेरे नाम’ मुहिम से लोगों को मिल रहा फायदा
गौरतलब है कि सीएम भगवंत मान के ‘मेरा घर मेरे नाम’ मुहिम के तहत गांव और शहरों की लाल लकीर के अंदर लंबे समय से रह रहे लोगों को उनके घरों का कानूनी मालिकाना हक प्रदान किया जा रहा है। राजस्व विभाग के द्वारा ड्रोन के माध्यम से डिजिटल मैपिंग और सर्वे किया जाता है। इस मुहिम से लंबे समय से रेड लाइन के अंदर रह रहे लोगों को अपना संपत्ति कानूनी तौर पर दिया जा रहा है। यह मिलने के बाद इसे खरीदा बेचा जा सकता है। इसके साथ ही इस संपत्ति का इस्तेमाल वे अपने तरीके से कर सकते हैं क्योंकि पहले कागजात न होने की वजह से उन्हें मुसीबत का सामना करना पड़ता था।







