CM Bhagwant Mann: पंजाब में किसानों की सुविधा का ख्याल रखते हुए मान सरकार लगातार कुशल नीतियों पर काम कर रही है। इसका असर ये है कि किसानों की दशा-दिशा बदली है। समय पर गेहूं और धान की खरीदारी के साथ गन्ने का पेमेंट भी किसानों तक पहुंच रहा है। सीएम भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार के प्रयासों का ये सकारात्मक परिणाम है। भगवंत मान सरकार भूजल संरक्षण पर जोर देते हुए फसल विविधता को भी बढ़ावा दे रही है। इससे जहां एक ओर पानी की बचत हो रही है। वहीं दूसरी ओर किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो कर पंजाब के विकास में अपना अहम योगदान दे रहे हैं।
फसल विविधता पर जोर दे रही CM Bhagwant Mann की सरकार
मान सरकार पंजाब में फसल विविधता पर जोर दे रही है। दरअसल, राज्य के कई ऐसे हिस्से हैं जहां भूजल का स्तर लगातार गिरता जा रहा है।
Mann Sarkar drives crop diversification to save groundwater and boost farm incomes 🥜
By encouraging farmers to move beyond water-intensive crops and adopt alternatives like groundnut, the Mann Government is reducing pressure on Punjab’s groundwater while supporting sustainable,… pic.twitter.com/lRv7cMV4zf
— AAP Punjab (@AAPPunjab) February 11, 2026
मामले की गंभीरता को देखते हुए भगवंत मान सरकार किसानों को गेहूं, धान और गन्ने के बजाय दाल, सब्जियां, मूंगफली, बाजरा आदि की फसल उगाने पर जोर दे रही है। फसल विविधता का लाभ ये होगा कि जमीन में नमी बरकरार रहेगी। इससे सिंचाई के लिए खर्च होने वाली पानी की बचत होगी।इसके साथ ही किसानों को होने वाली आय में भी इजाफा होगा। मूंगफली, दाल, सब्जियां या अन्य कुछ फसलों की बुआई कर किसान बड़े पैमाने पर लाभ कमा सकते हैं।
सरकार के प्रयासों से सशक्त हो रहे पंजाब के किसान
पंजाब सरकार के प्रयासों से सूबे के किसान आर्थिक रूप से सशक्त हो रहे हैं। फसल विविधता के दौर में मूंगफली, दाल, सब्जियों आदि की बुआई हो रही है। गन्ना, गेहूं या धान की तुलना में इन फसलों की बुआई में लागत कम और आय ज्यादा है। इन फसलों की सिंचाई के लिए पानी की मात्रा भी कम लगनी है। इससे जहां एक ओर भूजल संरक्षण को बढ़ावा मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर सिंचाई पर खर्च होने वाली लागत भी कम हो रही है। यही वजह है कि मान सरकार फसलों की विविधता पर जोर दे रही है जिसका लाभ किसानों को अतिरिक्त कमाई के रूप में मिल रहा है।






