‘शहीदों के सपनों का पंजाब..,’ जलियांवाला बाग कांड की बरसी पर CM Bhagwant Mann की दो टूक, भारतीयों के खिलाफ अत्याचार को याद कर किया नमन

जलियांवाला बाग कांड की 107वीं बरसी पर CM Bhagwant Mann की प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्यमंत्री ने इस नरसंहार में शहीद हुए सभी भारतीयों को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किया है।

CM Bhagwant Mann

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

CM Bhagwant Mann: देश आज तक उन जख्मों को नहीं भूला है जो अंग्रेजी हुकूमत ने भारतीयों को दिए थे। 13 अप्रैल का जिक्र होते ही मन सहम उठता है। दरअसल, आज ही के दिन 1919 में पंजाब के अमृतसर में स्थित जलियांवाला बाग में शांति सभा के लिए एकत्रित लोगों पर जनरल डायर ने गोली चलवाई थी।

जलियांवाला बाग कांड में सैकड़ों की संख्या में लोग मारे गए थे। आज इस नरसंहार की 107वीं बरसी पर शहीदों को नमन किया जा रहा है। इसी क्रम में सीएम भगवंत मान की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। सीएम भगवंत मान ने आज जलियांवाला बाग कांड की बरसी पर सभी को नमन करते हुए शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने की अपील की है।

जलियांवाला बाग कांड की 107वीं बरसी पर CM Bhagwant Mann की प्रतिक्रिया

पंजाब सीएम ने आज जलियांवाला बाग कांड की बरसी पर सभी शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धा-सुमन अर्पित किया है।

सीएम भगवंत मान लिखते हैं कि “अमृतसर के जलियांवाला बाग में देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले महान शहीदों को लाखों सलाम। देश ब्रिटिश शासन के अत्याचारों के शिकार इन नायकों के अद्वितीय बलिदान को सदा याद रखेगा। शहीदों का बहाया हुआ रक्त हमारी आने वाली पीढ़ियों को देश प्रेम और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।”

इस दौरान सीएम भगवंत मान ने सभी पंजाब वासियों से खास अपील की है। जलियांवाला बाग कांड की बरसी पर मुख्यमंत्री ने सभी लोगों का आह्वान करते शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने के लिए योगदान देने की अपील की है। ये शहीदों के प्रति मुख्यमंत्री की श्रद्धा और सम्मान को दर्शाता है।

खुले मैदान में भारतीयों पर बरसाई थी गोलियां

13 अप्रैल 1919 की सुबह पंजाब के लिए बेहद खास थी। सभी राज्यवासी बैसाखी पर्व धूम-धाम से मना रहे थे। उससे पूर्व पंजाब में रॉलेट एक्ट का जमकर विरोध हुआ था। अंग्रेजी हुकूमत ने इस विरोध से खफा होकर भारतीयों पर अत्याचार किए। इसी क्रम में 13 अप्रैल, 1919 को अमृतसर के जलियांवाला बाग में एकत्रित हुए लोगों को गोलीबारी शुरू कर दी गई।

लोग शांतिपूर्ण सभा के लिए जलियांवाला बाग में इकट्ठा हुए थे। तभी जनरल डायर ने निकास द्वार की नाकेबंदी करते हुए गोली चलाने के आदेश जारी किए। इस नरसंहार में सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी। अंग्रेजी शासन के इस क्रूर हमले का जिक्र करते हुए सभी लोग आज जलियांवाल बाग में शहीद हुए भारतीयों को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। इसी क्रम में सीएम भगवंत मान की प्रतिक्रिया भी आई है।

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