CM Bhagwant Mann: पंजाब में विकास की कहानी मान सरकार के कार्यकाल में कुछ अलग लिखी जा रही है और यही वजह है कि जनता उनके हर फैसले में उनका साथ देती है। स्पोर्ट्स हो या फिर शिक्षा या और बुनियादी ज़रूरतें जिसका खास ख्याल रखते हैं। इसके लिए कभी भी सीएम भगवंत मान की तरफ से कोई भी लापरवाही नहीं की जाती है। इस सब के बीच बीते दिन पंजाब के 32 लाख अभिभावकों को बड़ी राहत मिली है जो प्राइवेट स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ाते हैं। लगातार बढ़ रही फीस की वजह से उन्हें मुसीबत का सामना करना पड़ता है लेकिन अब यह आसान हो गया है।
CM Bhagwant Mann का प्राइवेट स्कूल को क्या है सख्त हिदायत
ਪੰਜਾਬ ਦੇ 32 ਲੱਖ ਮਾਪਿਆਂ ਨੂੰ ਵੱਡੀ ਰਾਹਤ ਦੇਣ ਲਈ ਸਕੂਲਾਂ ਦੀ ਮਨਮਾਨੀ ਫ਼ੀਸ ਵਸੂਲੀ ’ਤੇ ਲਗਾਮ ਕੱਸੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। ਪਿਛਲੇ 3 ਸਾਲਾਂ ਵਿੱਚ 15 ਫ਼ੀਸਦੀ ਤੋਂ ਵੱਧ ਵਧਾਈ ਗਈ ਫ਼ੀਸ ਸਕੂਲਾਂ ਨੂੰ ਵਾਪਸ ਕਰਨੀ ਪਵੇਗੀ। ਨਿਯਮ ਤੋੜਨ ’ਤੇ 50 ਹਜ਼ਾਰ ਤੋਂ 1 ਲੱਖ ਰੁਪਏ ਤੱਕ ਜੁਰਮਾਨਾ ਅਤੇ ਤੀਜੀ ਵਾਰ ਸਕੂਲ ਦੀ ਮਾਨਤਾ ਰੱਦ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ। pic.twitter.com/vkuGgL7D9U
— Harjot Singh Bains (@harjotbains) July 13, 2026
कम भगवंत मान की तरफ से प्राइवेट स्कूल के लिए नियम कानून बनाए गए और अब इस पर गवर्नर की भी मंजूरी मिल गई है जहां कैबिनेट मिनिस्टर हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “पंजाब में 32 लाख अभिभावकों को बड़ी राहत देने के लिए स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली पर रोक लगाई जा रही है। स्कूलों को पिछले 3 वर्षों में 15% से अधिक बढ़ाई गई फीस वापस करनी होगी। नियमों का उल्लंघन करने पर 50000 से 100000 तक का जुर्माना लगाया जाएगा और तीसरी बार उल्लंघन करने पर स्कूल की मान्यता रद्द की कर दी जाएगी।”
7800 स्कूल के 32 लाख बच्चों की किस्मत इस तरह संवार रहे सीएम मान
जाहिर तौर पर सीएम भगवंत मान के द्वारा प्राइवेट स्कूल को लेकर यह ऐतिहासिक फैसले से 7800 स्कूल के 32 लाख बच्चों और उनके माता-पिता को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही सीएम भगवंत मान द्वारा कहा गया है कि 10 दिनों के अंदर पोर्टल पर पिछले 4 सालों का रिकार्ड जमा किया जाए।अब कोई भी स्कूल उन्हें किसी खास दुकान से किताबें या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर नहीं कर सकेगा। शिक्षा कोई कारोबार नहीं है यह हर बच्चे का अधिकार है। इस खास संदेश के साथ मान सरकार ने प्राइवेट स्कूल पर सख्त रुख अपनाते हुए नजर आए हैं।







