CM Bhagwant Mann: पंजाब विधानसभा में ऐतिहासिक बेअदबी कानून में संशोधन को मंजूरी मिल गई है। इसको लेकर सीएम भगवंत मान समेत सरकार में शामिल सभी मंत्री प्रतिक्रिया दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने नए कानून को ऐतिहासिक बताते हुए अब बेअदबी के मामलों पर पूरी तरह से रोक लगने की संभावना व्यक्त की है। सीएम भगवंत मान ने सुर्खियों में छाए महिला आरक्षण बिल का भी समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर आधी आबादी के हक की आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को हर जगह समान अवसर मिल रहे हैं। ऐसे में राजनीति में भी ऐसा ही होना चाहिए।
बेअदबी कानून में संशोधन पर CM Bhagwant Mann का पक्ष!
मुख्यमंत्री ने आज पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र को संबोधित करने के बाद मीडिया से वार्तालाप किया है।
#WATCH | Chandigarh: Punjab CM Bhagwant Mann says, “A very strict law has been enacted regarding the sacrilege of Shri Guru Granth Sahib. It is a state act. The act already existed, but it didn’t provide for such severe punishments. Now, anyone who sacrileges Shri Guru Nath Sahib… pic.twitter.com/ANbr70voDH
— ANI (@ANI) April 13, 2026
इस दौरान सीएम भगवंत मान ने नए बेअदबी कानून पर पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि “अब, जो भी गुरु नाथ साहिब का अपमान करेगा, उसे सबसे कठोर दंड दिया जाएगा। लोगों को मानसिक रूप से बीमार करार दिया जा रहा है या उनकी कोई अन्य कमजोरी ढूंढी जा रही है, जिससे कई लोगों की भावनाएं आहत हो रही हैं। आज, खालसा के सजना दिवस, 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया, और इस विधेयक को, जिसका शीर्षक ‘जागत जोत श्री गुरु नाथ साहिब सत्कार संशोधन अधिनियम’ है, पेश किया गया।”
सरकार का कहना है कि नए कानून की सख्ती के कारण बेअदबी की घटनाएं अब कम हो सकेंगी। सीएम भगवंत मान की प्रतिक्रिया भी सुर्खियों में है।
महिला आरक्षण बिल के समर्थन में उतरे पंजाब सीएम
देश के विभिन्न हिस्सों में महिला आरक्षण बिल को लेकर सियासी संग्राम छिड़ा है। पीएम मोदी द्वारा सांसदों को लिखी गई एक चिट्ठी के बाद इस मसले पर सियासी उठा-पटक भी जारी है। इसी बीच सीएम भगवंत मान के बिल को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा है कि “इसे पेश किया जाना चाहिए। जब महिलाएं हर काम में समान भागीदार हैं, तो राजनीति में भी ऐसा ही होना चाहिए।” मुख्यमंत्री का ये स्पष्ट जवाब सुर्खियों में है।
