Bhagwant Mann: महिलाओं के हित को ध्यान में रखते हुए मान सरकार लगातार नीतियां बनाने का काम कर रही है। इसी कड़ी में पंजाब की आधी आबादी के लिए मासिक वित्तिय सहायता देने का ऐलान भी किया गया है। भगवंत मान सरकार के इस कदम से विपक्ष की बौखलाहट नजर आ रही है।
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने नई योजना पर ऐसी टिप्पणी कर दी, कि सूबे में बवाल मचा है। भगवंत मान सरकार की ओर से तमाम मंत्री और नेता लगातार कांग्रेस विधायक को करारा जवाब दे रहे हैं। इस बयान को बौखलाहट बताते हुए आप नेता व मंत्री विधायक पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
महिलाओं के लिए आर्थिक मदद के ऐलान पर कांग्रेस MLA के बयान से बवाल
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा को सीएम भगवंत मान की कैबिनेट में मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने करारा जवाब दिया है।
ਪੰਜਾਬ ਦੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਦੇ ਜੰਮੇ ਸੂਰਮਿਆਂ ਦੀ ਨਸਲਕੁਸ਼ੀ ਕਿਸ ਨੇ ਕੀਤੀ? ਕਾਂਗਰਸ ਆਪਣੀ ਪੀੜ੍ਹੀ ਹੇਠ ਸੋਟਾ ਫੇਰੇ
ਔਰਤ ਵਿਰੋਧੀ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਬਦਲੇ ਕੈਬਿਨੇਟ ਮੰਤਰੀ @DrBaljitAAP ਨੇ ਖੜਕਾਇਆ ਸੁਖਪਾਲ ਖਹਿਰਾ
🔸 ਕੀ 1000 ਰੁਪਏ ਦੀ ਖ਼ੁਸ਼ੀ ਮਨਾਉਣ ਵਾਲ਼ੀਆਂ ਔਰਤਾਂ ਸੂਰਮੇ ਜੰਮਣ ਦੇ ਕਾਬਲ ਨਹੀਂ ਜਾਂ ਸੂਰਮੇ ਜੰਮੇ ਬਿਨਾਂ ਔਰਤ ਦੀ ਕੋਈ ਕਦਰ ਨਹੀਂ?… pic.twitter.com/S57yhEEfBW
— AAP Punjab (@AAPPunjab) March 11, 2026
डॉ. कौर ने साफ तौर पर कहा है कि “पंजाब की महिला प्रधान नायिकाओं का नरसंहार किसने किया? कांग्रेस ने अपनी ही पीढ़ी पर निशाना साधा है। क्या 1000 रुपए की खुशी मनाने वाली महिलाएं नायकों को जन्म देने में असमर्थ हैं, या नायकों को जन्म दिए बिना स्त्री का कोई मूल्य नहीं है? क्या गरीब या जरूरतमंद परिवारों में नायक पैदा नहीं हो सकते? जब तक सुखपाल खैरा की विधानसभा सदस्यता रद्द नहीं हो जाती, हम अपना संघर्ष जारी रखेंगे।”
मंत्री बलजीत कौर से इतर हरपाल सिंह चीमा, डॉ बलबीर सिंह, हरजोत सिंह बैंस, संजीव अरोड़ा समेत अन्य तमाम आप नेताओं ने भी सुखपाल सिंह खैरा को निशाने पर लिया है।
सीएम Bhagwant Mann की नीतियां देख बौखलाया विपक्ष!
ऐसा कहना है आप नेताओं का जो सुखपाल सिंह खैरा के बयान का विरोध कर रहे हैं। दरअसल, भगवंत मान सरकार ने अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं के लिए मासिक आर्थिक अनुदान का ऐलान किया। इसके बाद कांग्रेस विधायक ने पोस्ट कर कहा कि “1000 की घोषणा पर नाचती महिलाएं पंजाब की विरासत और इतिहास में क्या योगदान देंगी?”
विधायक खैरा के इस बयान को बौखलाहट के रूप में देखा जा रहा है। मान सरकार ने नई योजना के तहत महिलाओं के लिए 1000 रुपए मासिक अनुदान का ऐलान किया है। वहीं अनुसूचित जाति से आने वाली महिलाओं को 1500 रुपए मासिक का अनुदान मिलेगा। इसको लेकर खैरा ने विवादित बयान दिया जिसे विपक्ष की बौखलाहट बताई जा रही है।
