Punjab News: पंजाब सरकार ने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने और नशे की रोकथाम के लिए 40 कॉलेजों में ‘संगत’ (SANGAT) मानसिक स्वास्थ्य क्लब शुरू किए

Punjab News: पंजाब सरकार ने अपनी प्रमुख मुहिम ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत राज्य के 40 कॉलेजों में ‘संगत’ मानसिक स्वास्थ्य क्लब शुरू किए हैं, इस पहल का उद्देश्य युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने को प्रोत्साहित करना और नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम में मदद करना है।

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Punjab News: पंजाब सरकार ने अपनी प्रमुख मुहिम ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत राज्य के 40 कॉलेजों में ‘संगत’ मानसिक स्वास्थ्य क्लब शुरू किए हैं, इस पहल का उद्देश्य युवाओं में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, समय रहते आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने को प्रोत्साहित करना और नशीले पदार्थों के सेवन की रोकथाम में मदद करना है। डिपार्टमेंट ऑफ़ हायर एजुकेशन द्वारा आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट (ABET) के सहयोग से शुरू की गई इस पहल के माध्यम से कॉलेज परिसरों में ऐसा सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार किया जाएगा, जहाँ विद्यार्थी भावनात्मक परेशानी के संकेतों को पहचान सकें, उचित सहायता प्राप्त कर सकें और बिना किसी झिझक या सामाजिक कलंक के मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर खुलकर चर्चा कर सकें।

युवाओं को सशक्त बनाने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर चर्चा की

क्लबों के शुभारंभ के दौरान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने क्लब के प्रतिभागियों से बातचीत की और युवाओं को सशक्त बनाने में शिक्षण संस्थानों की भूमिका पर चर्चा की। इस दौरान नशे से जुड़े मामलों में सामाजिक झिझक और कलंक को कम करने, युवाओं को सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित करने तथा नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या से निपटने के लिए शिक्षण संस्थानों, परिवारों और साथियों के बीच सहयोग के महत्त्व पर ज़ोर दिया गया।

 

मोहाली स्थित प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि ‘संगत’ जागरूकता, साथियों के सहयोग और सामूहिक प्रयासों के माध्यम से युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों और नशे की समस्या से निपटने के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा, “महान योद्धाओं में से एक अर्जुन को भी मानसिक और भावनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जबकि भगवान श्रीकृष्ण उनके साथ थे। यह हमें याद दिलाता है कि युवाओं को भी सही मार्गदर्शन और मार्गदर्शकों की आवश्यकता होती है। नशा करना गर्व की बात नहीं है; बल्कि गलत संगत में पड़ चुके किसी व्यक्ति को सही रास्ते पर वापस लाने में मदद करना गर्व की बात है। ‘संगत’ की परिकल्पना युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए की गई है, ताकि साथियों के बीच सहयोग को बढ़ावा मिले, मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो और युवा अपने लिए स्वस्थ विकल्प चुन सकें।”

 

आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट और एमपावर (Mpower) की संस्थापक एवं अध्यक्ष नीरजा बिरला ने युवाओं में भावनात्मक परेशानी, मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं और नशीले पदार्थों के सेवन के बीच संबंधों से निपटने के लिए निरंतर निवारक प्रयासों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा, “आज युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियाँ केवल नशीले पदार्थों के सेवन तक सीमित नहीं हैं। भावनात्मक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी बढ़ती चिंताओं के कारण समय रहते हस्तक्षेप करना पहले से कहीं अधिक महत्त्वपूर्ण हो गया है। एमपावर में कोप (COPE) के माध्यम से किए जा रहे कार्यों के दौरान हमने देखा है कि भावनात्मक परेशानी, मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी अनुपचारित समस्याएँ और नशीले पदार्थों का सेवन एक-दूसरे से जुड़े हो सकते हैं, यह स्थिति निरंतर और निवारक प्रयासों की आवश्यकता को दर्शाती है।”

नशे की रोकथाम, उपचार, रिहैबिलिटेशन और समाज में पुनः समावेश के लिए एक टिकाऊ व्यवस्था विकसित करना है

पंजाब सरकार के सहयोगात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए नीरजा बिरला ने कहा, “मैं पंजाब सरकार की सराहना करती हूं, जिसने एक साझा उद्देश्य के साथ सरकारी विभागों, नागरिक समाज संगठनों, शिक्षकों, स्वास्थ्य पेशेवरों और सामुदायिक नेताओं को एक साथ लाने का प्रयास किया है, इसका उद्देश्य अलग-अलग और बिखरे हुए प्रयासों से आगे बढ़कर नशे की रोकथाम, उपचार, रिहैबिलिटेशन और समाज में पुनः समावेश के लिए एक टिकाऊ व्यवस्था विकसित करना है। इस तरह के सहयोगात्मक मॉडल पंजाब के युवाओं और उनके परिवारों के जीवन में स्थायी और सार्थक बदलाव लाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”

 

अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए और मानसिक स्वास्थ्य के महत्त्व को दर्शाते हुए अभिनेता अपारशक्ति खुराना ने युवाओं के लिए ऐसा सहयोगपूर्ण वातावरण तैयार करने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया, जहाँ वे अपनी परेशानियों के बारे में खुलकर बात कर सकें। उन्होंने कहा, “हम अक्सर युवाओं से मज़बूत बने रहने के लिए कहते हैं, लेकिन मज़बूती का अर्थ यह भी है कि आप जिस स्थिति से गुज़र रहे हैं, उसके बारे में ईमानदारी से बात कर सकें और ज़रूरत पड़ने पर मदद माँग सकें। युवाओं पर पड़ने वाला दबाव हमेशा दिखाई नहीं देता, इसलिए मित्रों, परिवारों और शिक्षण संस्थानों के लिए ऐसे स्थान और वातावरण तैयार करना महत्त्वपूर्ण है, जहाँ युवा बिना किसी आलोचना के अपनी बात खुलकर रख सकें और उन्हें समझे जाने का एहसास हो।”

 

उन्होंने आगे कहा,“चाहे कितनी भी चुनौतियाँ सामने आएँ मेरी दादी कहा करती थीं, ‘अच्छी संगत बहुत जरूरी है।’ ‘संगत’ जैसी पहल युवाओं को एक-दूसरे का ध्यान रखने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है और मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत करने का माहौल बना सकती है।”

 

इस कार्यक्रम के तहत, प्रत्येक भाग लेने वाले कॉलेज के 25 विद्यार्थियों को 14 घंटे का यूथ मेंटल हेल्थ फर्स्ट एड (YMHFA) प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रमाणपत्र प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण से विद्यार्थी भावनात्मक परेशानी के संकेतों को पहचानने, अपने साथियों को शुरुआती स्तर पर सहायता देने और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें पेशेवर सहायता प्राप्त करने के लिए उचित मार्गदर्शन देने में सक्षम होंगे।

 

इन क्लबों के माध्यम से कॉलेज परिसरों में मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, भावनात्मक चुनौतियों पर खुलकर बातचीत करने और नशीले पदार्थों के सेवन को हतोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी। साथियों के नेतृत्व में होने वाली गतिविधियों और पेशेवर सहायता से जुड़ाव के माध्यम से इस पहल का उद्देश्य समस्याओं की शुरुआती चरण में पहचान करना और कॉलेज परिसरों में ऐसा वातावरण बनाना है, जहाँ मदद माँगने को प्रोत्साहित किया जाए, न कि इसे सामाजिक कलंक से जोड़ा जाए।

बॉलीवुड अभिनेता अपारशक्ति खुराना ने भी भाग लिया

इस कार्यक्रम को आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट की सहायक इकाई एमपावर द्वारा उसके कोप (काउंसलिंग एंड आउटरीच फॉर पीयर एम्पावरमेंट) ढाँचे के तहत लागू किया जा रहा है। शुभारंभ समारोह में ‘युवा’ (Yuvaa) के सह-संस्थापक और प्रमुख निखिल तनेजा तथा बॉलीवुड अभिनेता अपारशक्ति खुराना ने भी भाग लिया, उन्होंने युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य और उनके लिए ऐसा वातावरण बनाने के महत्त्व पर चर्चा की, जहाँ उनकी बात सुनी जाए, उन्हें समझा जाए और सहयोग दिया जाए। पंजाबी हास्य कलाकार मनप्रीत सिंह, जिन्हें ‘द कॉमिक सिंह’ के नाम से जाना जाता है, ने भी समारोह में प्रस्तुति दी।

 

कार्यक्रम में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, भाग लेने वाले कॉलेजों के नोडल प्रोफेसर, ‘संगत’ के विद्यार्थी सदस्य और आदित्य बिरला एजुकेशन ट्रस्ट के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

मानसिक स्वास्थ्य को नशे की रोकथाम की रणनीति के केंद्र में रखते हुए ‘संगत’ का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने साथियों की सहायता करने, समय रहते हस्तक्षेप को बढ़ावा देने और कॉलेज परिसरों में अधिक खुला एवं सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने के लिए सशक्त करना है। यह पहल ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ के तहत नशीले पदार्थों के सेवन की समस्या से निपटने के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक प्रयासों का हिस्सा है, जिसमें रोकथाम, जागरूकता और सामूहिक ज़िम्मेदारी पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है।

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