Rahul Gandhi: जंतर मंतर पर नीट परीक्षा और बाकी प्रतियोगी एग्जाम्स में हेरा फेरी को लेकर विरोध प्रदर्शन भले ही थम गया हो। 20 जुलाई को हुए संसद चलो मार्च के दौरान छात्रों पर हुई लाठी चार्ज और कथित तौर पर पुलिस द्वारा पेलेट गन और बल प्रयोग को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। वहीं इस सबके बीच बीते दिन गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर राहुल गांधी ने तीखे सवाल किए थे। वहीं नीट बवाल के बीच लोकसभा में सरकार पेपर लीक रोकने के लिए नया बिल पेश करने जा रही है। राहुल गांधी ने एक बार फिर निशाना साधा है और इस बार क्या कहा आइए जानते हैं।
अमित शाह से Rahul Gandhi का तीखा सवाल
छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है।
खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियाँ चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है।
मोदी जी, कहाँ गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर… https://t.co/c7zdyyeLA0
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 27, 2026
राहुल गांधी ने अमित शाह को लिखी गई चिट्ठी में कहा था, “किसी का हाथ टूट गया, किसी का पैर, किसी की पसली। पेलेट गन जैसे जानलेवा हथियारों का इस्तेमाल किया गया, और कई लोग गंभीर घायल हो गए। ये होम मिनिस्टर अमित शाह की ज़िम्मेदारी है। मैं 19 साल के स्टूडेंट साहिल लोचब से मिला पेलेट गन से गोली लगने की वजह से उसकी एक आंख जाने की संभावना है। दिल्ली में तैनात सिक्योरिटी फोर्स आपकी जवाबदेह हैं, इसलिए मैं पूछता हूं होम मिनिस्टर के तौर पर, क्या स्टूडेंट्स के खिलाफ पेलेट गन समेत जानलेवा ताकत के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी? अगर नहीं, तो किसने दी? सादे कपड़ों में स्टूडेंट्स को लाठियों से पीटते हुए देखे गए लोगों को तैनात करने की इजाज़त किसने दी थी, और क्या वे पुलिस वाले थे या वॉलंटियर।”
राहुल गांंधी ने केंद्र सरकार पर किया हमला
वहीं एक बार फिर x प्लेटफार्म पर राहुल गांंधी ने कहा, “छात्रों के ख़िलाफ़ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है। खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है। मोदी जी, कहां गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है। दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली – हर जगह पैटर्न एक ही है।”
इसके साथ ही पहले भी कहा है, “ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी। मोदी जी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए। और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं।”
कैसे हुआ 2024 के अधिनियम में बदलाव
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 की बात करें तो यह पेपर लीक और परीक्षा में धांधली रोकने के लिए लाया गया एक कठोर कानून है। यह 27 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा पेश किया जा रहा है जो 2024 के पुराने अधिनियम में संशोधन करने के बाद तैयार किया गया है इसके मुताबिक पेपर लीक को लेकर न्यूनतम सजा 3 साल से बढ़कर 5 साल कर दिया गया है और अधिकतम 10 साल की जय बताई जा रही है।
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 में गैंग माफिया पर शिकंजा
इसके अलावा दोषी करार होने पर 50 लाख रुपए का जुर्माना और उसके साथ ही माफिया गैंग के लिए 10 करोड़ तक का जुर्माना बताया गया है। गिरोह बनाकर परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए न्यूनतम सजा 7 से 10 साल है। दोषी संस्थानों और माफियाओं की संपत्ति कुर्क व जब्त होगी। विशेष फास्ट-ट्रैक अदालतें गठित होंगी जो चार्जशीट के 3 महीने के भीतर फैसला सुनाएंगी और मामलों की जांच 2 महीने के भीतर पूरी करनी होगी।







