Rahul Gandhi: ज्ञानेश कुमार और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर कांग्रेस की तरफ से 1 नवंबर को रैली का आयोजन किया जा रहा है जिसमें इंडिया गठबंधन के बाकी नेताओं की मौजूदगी भी देखी जा सकती है। कहा जा रहा है कि इस प्रदर्शन में 10 लाख लोगों के शामिल होने की उम्मीद है वही इंडिया गठबंधन की सैलरी को स्थगित करने की मांग को लेकर व्यापारियों ने राहुल गांधी से खास अपील की है है। दीवाली जैसे तिवारी सीजन के दौरान रैलियां की वजह से उनके व्यापार पर असर पड़ सकता है। पत्र लिखकर आखिर राहुल गांधी से उन्होंने क्या मांग की है। आइए जानते हैं पूरी खबर डिटेल्स में क्या है।
राहुल गांंधी की रैली से क्या पड़ सकता है बिजनेस पर असर
रिपोर्ट में बताया जा रहा है कि लेटर में व्यापारी संघ ने कहा कि धनतेरस से लेकर दिवाली तक लगभग 25000 करोड़ तक का कारोबार होता है। इस दौरान दुकानदारों व्यापारियों और छोटे कारोबारी के लिए सबसे महत्वपूर्ण समय होता है। पूरे साल की कमाई इस पर काफी ज्यादा निर्भर करती है।व्यापारियों का कहना है कि सितंबर और अक्टूबर के महीने में पहले ही विरोध प्रदर्शन और रैलियां की वजह से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
क्यों हो सकती है Rahul Gandhi की रैली की वजह से व्यापारियों को परेशानी
राहुल गांधी को लिखे गए लेटर में व्यापारी संघ ने यह भी कहा कि जाम और बाकी और सुविधा की वजह से ग्राहक दूकान तक पहुंच नहीं पाते हैं। ऐसे में सामान की बिक्री नहीं हो पा रही है। 1 नवंबर को दिल्ली से सदर बाजार चांदनी चौक चावड़ी बाजार जैसे कई बड़े बाजारों में रास्ते बंद होने की वजह से व्यापारियों को बड़ा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन के अलावा किराना कमेटी दिल्ली ने भी अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाने की मांग की है। बताया जा रहा है कि व्यापारी संघ का कहना है कि 10 नवंबर के बाद इस सोनाली का आयोजन किया।
बता दे कि दिल्ली पुलिस की तरफ से भी राहुल गांधी की इस रैली को अनुमति मिल गई है। इसके लिए कई शर्त भी लागू किए गए हैं लेकिन अब विपक्ष की तरफ से क्या फैसला आता है इस पर नजरें रहने वाली है।







