S Jaishankar: मिडिल ईस्ट पर क्या है PM मोदी का रुख? कितने भारतीय देश लौटे? भारी विरोध के बीच विदेश मंत्री ने संसद में रखा पक्ष

सदन में विपक्ष के भारी विरोध के बीच विदेश मंत्री S Jaishankar ने पश्चिम एशिया के बदले हालात पर चर्चा करते हुए सरकार का पक्ष रखा है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के रुख से लेकर भारतीयों की घर वापसी तक का जिक्र किया है।

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Picture Credit: ANI (संसद में संबोधन के दौरान एस जयशंकर)

S Jaishankar: राजधानी दिल्ली से लेकर लखनऊ, पटना, जयपुर, भोपाल, रायपुर समेत देश के विभिन्न हिस्सों में पश्चिम एशिया का मसला चर्चा में है। कहीं खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की बात हो रही हैं। तो कहीं कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चर्चा में हैं। इसको लेकर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अब सदन में मजबूती से सरकार का पक्ष रखा है।

एस जयशंकर ने साफ तौर पर बताया है कि मिडिल ईस्ट के बदले हालात पर पीएम मोदी का रुख क्या है? साथ ही ये भी आंकड़े सामने आए हैं कि पश्चिम एशिया की तनावपूर्ण स्थिति के बीच कितने भारतीय वापस लौटे हैं। आइए हम आपको एस जयशंकर की प्रतिक्रिया के बारे में विस्तार से बताते हैं।

मिडिल ईस्ट में बदलते समीकरण पर क्या है PM मोदी का रुख?

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा के साथ लोकसभा में अपना पक्ष रखते हुए इस सवाल का जवाब दिया है।

एस जयशंकर ने बताया है कि “प्रधानमंत्री उभरते घटनाक्रमों पर लगातार नजर रख रहे हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं।”

राज्यसभा में बोलते हुए एस जयशंकर ने बताया कि “हमारी सरकार ने 20 फरवरी को एक बयान जारी कर गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया था। हम अब भी मानते हैं कि तनाव को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति का सहारा लेना चाहिए।”

सरकारी पहल का जिक्र करते हुए एस जयशंकर ने बताया कि “इस संघर्ष से हमारी ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों को देखते हुए, सरकार ऊर्जा बाजारों की उपलब्धता, लागत और जोखिमों को ध्यान में रखते हुए यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारे लिए भारतीय उपभोक्ता का हित सर्वोपरि है और हमेशा रहेगा।”

पश्चिम एशिया में बिगड़े हालात के बीच कितने भारतीयों की हुई देश वापसी?

लाखों की संख्या में भारतीय मूल के लोग आजीविका व अन्य कई उद्देश्य से पश्चिम एशिया के विभिन्न देशों में रहते हैं। ईरान पर इजरायली-अमेरिकी हमलों के बाद ऐसे भारतीयों पर संकट के बादल मंडराए। हालांकि, भारत सरकार के प्रयासों से अब तक लगभग 67000 नागरिक वापस लौटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर चुके हैं। सरकार पश्चिम एशिया से भारतीयों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

विदेश मंत्री ने आगे कहा कि “भारतीय दूतावास ने तेहरान में रह रहे कई भारतीय छात्रों को देश से बाहर स्थानांतरित करने में सहायता की है। व्यापार के सिलसिले में ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया जाने और फिर भारत लौटने में मदद की गई। तेहरान स्थित हमारा दूतावास पूरी तरह से कार्यरत है और हाई अलर्ट पर है। हम इस समय भारतीय समुदाय को सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

सदन में S Jaishankar का भारी विरोध!

मकर द्वार पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में तमाम विपक्षी सांसदों ने एस जयशंकर के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष भारत की विदेश नीति प्रभावित होने और इसे अमेरिका के हाथों गिरवी रखने का आरोप लगाते हुए केन्द्र सरकार को निशाने पर ले रहा है। राहुल गांधी के साथ अखिलेश यादव, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल समेत तमाम सांसदों ने आज सदन में सरकार का विरोध किया है। इस विरोध के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा, राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखा है।

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