US-Israel-Iran War: तनाव की स्थिति से जूझ रहा मिडिल ईस्ट पूरी दुनिया को प्रभावित कर रहा है। आलम ये है कि ईरान पर इजरायली-अमेरिकी हमलों के कारण निवेशकों का विश्वास डगमगा उठा है। इसके परिणामस्वरूप शेयर मार्केट क्रैश कर गया है। सेंसेक्स 2300 अंक लुढ़कने से निवेशकों के हजारों करोड़ रुपए डूब गए हैं। कच्चे तेल की कीमतें भी आसमान छू रही हैं।
यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के इस दौर में ब्रेंट क्रूड आयल 25.68 फीसदी तेजी के साथ 116.5 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसको लेकर कच्चे तेल के सबसे बड़े आयातक भारत के संदर्भ में सवाल उठ रहे हैं। पूछा जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ती कच्चे तेल की कीमतों से भारत को नुकसान हो सकता है? आइए इस सवाल का जवाब ढूंढ़ने की कोशिश करते हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में भी रिकॉर्ड इजाफा से क्या भारत को हो सकता है नुकसान?
वैश्विक स्तर पर बदले समीकरण ने कच्चे तेल की कीमतों को बुरी तरह से प्रभावित किया है। आलम ये है कि ईरान पर अमेरिकी-इजरायली हमलों के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित है। इसका असर कीमत पर पड़ रहा है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड आयल 25.68 फीसदी तेजी के साथ 116.5 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है। क्रूड ऑयल की बढ़ती कीमतों के कारण भारत को कई नुकसान झेलने पड़ सकते हैं।
भारत 85 फीसदी से अधिक तेल का आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल के महंगा होने से भारत के आयात बिल में वृद्धि होगी। इसके साथ ही देश में ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ते हुए महंगाई पर असर डालेगी। आसार जताए जा रहे हैं कि कच्चे तेल में हर 10 डॉलर की वृद्धि भारत की जीडीपी ग्रोथ को 0.5 फीसदी तक कम कर सकती है। इसके अलावा रुपए की मांग कम और डॉलर की मजबूती भी देश को नुकसान पहुंचा सकती है।
स्टॉक मार्केट पर US-Israel-Iran War का प्रभाव!
दुनिया के तमाम देशों में इजरायल-अमेरिका-ईरान वॉर का प्रभाव पड़ता नजर आ रही है। इसी क्रम में आज शेयर मार्केट भी खुलते ही क्रैश कर गया। सेंसेक्स 2300 अंक लुढ़क गए जिससे सेकेंड भर में निवेशकों के लाखों करोड़ रुपए स्वाहा हो गए। निफ्टी भी 700 अंक से अधिक टूटा है। भारत से इतर जापान का निक्केई और दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भी तगड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
विशेषज्ञों की मानें तो विदेशी निवेशक वैश्विक अनिश्चितता के कारण भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। बिकवाली के कारण ही शेयर मार्केट में भूचाल मचा है और निवेशकों के 12 लाख करोड़ से अधिक रूपए आज स्वाहा हुए हैं। फिलहाल सबकी नजरें यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के एक-एक पहलुओं पर टिकीं हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते संकट के बादल के बीच शेयर मार्केट में भूचाल जारी है।
