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Sabka Bima Sabki Raksha Bill 2025: संसद में पास हुआ इंश्योरेंस बिल! एजेंट, ब्रोकर के लिए ऐसे साबित होगा गेमचेंजर, रोजगार के नए अवसर होंगे पैदा; जानें डिटेल

Sabka Bima Sabki Raksha Bill 2025: वित्त मंत्री ने इंश्योरेंस बिल को पेश किया। जो इंश्योरेंस सेक्टर में एक गेमचेंजर साबित हो सकता है।

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By: Anurag Tripathi

Published: दिसम्बर 18, 2025 12:26 अपराह्न

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Sabka Bima Sabki Raksha Bill 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंश्योरेंस बिल को पेश किया। जो इंश्योरेंस सेक्टर में एक गेमचेंजर साबित हो सकता है। इस मुद्दे पर खुद वित्त मंत्री ने लोकसभा में अहम जानकारी दी कि ये कैसे पॉलिसी धारकों, एजेंट, ब्रोकर और इस सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। इसके अलावा केंद्र सरकार ने बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआइ) की सीमा 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने वाले विधेयक को पारित कर दिया है। जो निवेशकों और कंपनी के लिए एक अच्छा निवेश माना जा रहा है।

Sabka Bima Sabki Raksha Bill 2025 को लेकर वित्त मंत्री ने दी अहम जानकारी

बता दें कि सबका बीमा सबकी रक्षा बिल 2025 को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अहम जानकारी दी कि “इस क्षेत्र को खोलने से नए बीमाकर्ता, मध्यस्थ और संबद्ध सेवा प्रदाता आकर्षित होंगे, जिससे समग्र बीमा प्रणाली का विस्तार होगा और नए रोजगार सृजित होंगे। इसके अलावा बाजार का विस्तार होने की उम्मीद है। एजेंट, ब्रोकर और मध्यस्थों को बड़े बाजार, अधिक उत्पादों और व्यापक ग्राहक पहुंच का लाभ मिलेगा।

सहायक सेवाएं – प्रौद्योगिकी, दावा प्रबंधन, विश्लेषण, ग्राहक सेवा और बीमा सहायता – भी बढ़ेंगी। बीमा विज्ञान के छात्रों को मूल्य निर्धारण, जोखिम मॉडलिंग, उत्पाद डिजाइन और अनुपालन से संबंधित भूमिकाओं में बढ़ती मांग देखने को मिलेगी। शाखा कार्यालयों में विभिन्न वित्त स्नातकों और गैर-वित्त स्नातकों को रोजगार मिलेगा”।

नए बिल से रोजगार के नए अवसर होंगे पैगा

वित्त मंत्री ने आगे बताया कि कुल मिलाकर, इन संशोधनों से रोजगार सृजन, कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को और मजबूत करने की उम्मीद है। IRDAI ने यह निर्धारित किया है कि सभी बीमा कंपनियों को न्यूनतम 1.5 का सॉल्वेंसी अनुपात बनाए रखना होगा, जिसका अर्थ है कि उनकी संपत्ति उनकी देनदारियों से 1.5 गुना होनी चाहिए। इन देनदारियों का प्रावधान करने के बाद ही लाभ की गणना की जाती है। ये नियम पॉलिसीधारकों के हितों की रक्षा के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करते हैं। गौरतलब है कि बीते कुछ सालों से इंश्योरेंस की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है।

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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