Suresh Kalmadi: कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी ने मंगलवार को दुनिया को अलविदा कह दिया। जानकारी के मुताबिक, दिग्गज कांग्रेस लीडर का महाराष्ट्र के पुणे में दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में उपचार चल रहा था। बताया जा रहा है कि वह लंबे टाइम से बीमारी से जूझ रहे थे। ऐसे में 81 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया। बताया जा रहा है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री के पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक कलमाड़ी हाउस, एरंडवणे, पुणे में रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3.30 बजे वैकुंठ श्मशान भूमि, नवी पेठ, पुणे में अंतिम संस्कार होगा।
Suresh Kalmadi का ऐसा रहा राजनीतिक करियर
भारत की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के नेता रहे सुरेश कलमाड़ी 1982 से 1996 के बीच और फिर 1998 में राज्यसभा में तीन बार सेवा दी। इसके अलावा वह 1996 और 2004 में लोकसभा में भी काम किया। कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कांग्रेस लीडर का राजनीतिक करियर बनाने में गांधी परिवार और शरद पवार ने अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि संजय गांधी उन्हें राजनीति में लेकर आए। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री के तौर पर काम किया और मुंबई के विक्टोरिया टर्मिनस का नाम बदलकर छत्रपति शिवाजी टर्मिनस करने में उनका योगदान माना जाता है।
सुरेश कलमाड़ी ने कई क्षेत्रों में दिया अहम योगदान
आपकी जानकारी में इजाफा करने के लिए बता दें कि कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी ने राजनीति के अलावा भी कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कई सालों तक आईओए यानी इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के प्रमुख के तौर पर काम किया। साथ ही 1989 में गणेश उत्सव के दौरान होने वाले कल्चरल इवेंट, पुणे फेस्टिवल; पुणे व्यासपीठ और नेशनल गेम्स शुरू करने की भी पहल की थी।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस नेता ने 1960 के करीब एनडीए यानी नेशनल डिफेंस एकेडमी में दाखिला लिया। इसके बाद भारतीय वायुसेना में पायलट के तौर पर काम किया। वायुसेना में अपनी सेवा देने के बाद 1974 तक 2 साल तक एनडीए में ट्रेनर रहे।उन्होंने 1965 और 1971 में पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध में भाग लिया।
इन विवादों से रहा नाता, बीते साल मिली थी क्लीन चिट
कांग्रेस लीडर सुरेश कलमाड़ी ने आईओए में कार्यकाल के दौरान 2010 के सीडब्ल्यूजी कॉमनवेल्थ गेम्स भ्रष्टाचार मामले को लेकर सवाल उठे और उन पर फंड के गलत इस्तेमाल के आरोप में भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के तहत केस दर्ज किया गया। साल 2011 में उन्हें गिरफ्तार किया गया, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निलंबित कर दिया। वहीं, साल 2025 में दिल्ली की एक अदालत ने ईडी यानी प्रवर्तन निदेशालय द्वारा सबमिट की गई क्लोजर रिपोर्ट को मंजूर कर लिया था। कोर्ट ने कहा कि सुरेश कलमाड़ी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का कोई सबूत नहीं है। इस तरह से आवश्यक सबूतों के अभाव में उन्हें मामले में क्लीन चिट दी गई।
