Tamil Nadu Assembly Elections 2026: एम.के.स्टालिन ने जारी किया डीएमके का चुनावी घोषणापत्र, लोगों से किए कई वादे

Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने रविवार को डीएमके का चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसमें उन्होंने एक बड़े वोटर वर्ग को टारगेट में रखकर कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और आर्थिक विकास के उपायों का मिश्रण पेश किया।

Tamil Nadu Assembly Elections 2026

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Tamil Nadu Assembly Elections 2026: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखें तय हो चुकी हैं। राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियां चुनावी मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार हैं। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन दूसरे कार्यकाल के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। पिछली बार की तरह राज्य की 234 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 23 अप्रैल को एक ही चरण में होगा। वहीं, वोटों की गिनती 4 मई को होगी। तमिलनाडु विधानसभा का कार्यकाल 10 मई, 2026 को समाप्त होने वाला है।

तमिलनाडु में पिछले विधानसभा चुनाव 6 अप्रैल, 2021 को हुए थे, जबकि वोटों की गिनती 2 मई, 2021 को हुई थी। इन सबके बीच स्टालिन ने रविवार को द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसमें उन्होंने एक बड़े वोटर वर्ग को टारगेट में रखकर कल्याणकारी योजनाओं के विस्तार और आर्थिक विकास के उपायों का मिश्रण पेश किया है। उन्होंने चुनावी मैनिफेस्टो जारी कर कहा कि राज्य को अपने मौजूदा विकास के रास्ते पर ही आगे बढ़ते रहना चाहिए।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026: डीएमके ने जारी किया चुनावी घोषणापत्र

तमिलनाडु में विधानसभा चुनावी बिगुल बज चुकी है। इसी के साथ राजनीतिक पार्टियां का वादों और दावों का सबसे बड़ा मुकाबला शुरु हो गया है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके ने चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। इसमें महिलाओं को 2,000 हजार रुपए, पेंशन बढ़ाने और लैपटॉप बांटने जैसे लोकलुभावन वादे किए गए हैं। डीएमके (द्रमुक) के चुनावी घोषणापत्र में बताया गया है कि परिवारों की महिला मुखियाओं को मिलने वाली मासिक सहायता राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर अब 2,000 रुपये कर दी जाएगी। इनसे 1.37 करोड़ से ज़्यादा लाभार्थियों को सीधा फ़ायदा मिल सकेगा। वहीं, बुज़ुर्गों की पेंशन भी बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी जाएगी।

इतना ही नहीं, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके का चुनावी घोषणापत्र में सरकार की ब्रेकफास्ट योजना, जो अभी कक्षा 1 से लेकर 5 तक के छात्रों को कवर करती रही है, उसका विस्तार कर कक्षा 8 तक किए जाने का वादा किया गया है। साथ ही बताया गया है कि अब महिलाओं के स्वयं सहायता समूह 5 लाख रुपये तक के ब्याज़-मुक्त ऋण के लिए पात्र होंगे। मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाले लाभों को बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दिए जाएंगे।

डीएमके के चुनावी मैनिफेस्टो में 20 लाख से अधिक लाभार्थियों को मुफ्त बिजली की सुविधा जारी रखने का वादा किया गया है। बिना मीटर वाले पंप सेट उपलब्ध कराने का भी प्रावधान की बात कही गई है। शिक्षा के क्षेत्र में, उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे 35 लाख विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए जाने का वादा किया गया है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डायलिसिस यूनिटों की संख्या दोगुनी करने की बात कही गई है।

तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए डीएमके का चुनावी घोषणापत्र जारी करते हुए मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का मकसद तमिलनाडु की इकॉनमी को बढ़ावा देने के लिए 18 लाख करोड़ रुपये का इन्वेस्टमेंट प्रोगाम विकसित करना है। जिसका टारगेट यूएसडी 120 बिलियन का इकॉनमी साइज़ है। उन्होंने कहा कि राज्य में रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए, खासकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में, नियो टाइडल पार्क बनाए जाएंगे। जो कि डीएमके सरकार की प्रमुख पहल रही है।

Tamil Nadu Assembly Elections 2026 में किसका पलड़ा रहेगा भारी?

अभी यह अंदाज़ा लगाना मुश्किल है कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में पलड़ा किसका भारी रहेगा। सभी राजनीतिक दलों द्वारा की जा रही चुनावी तैयारियों को देखते हुए यह मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है। हालाँकि, यह सच है कि द्रविड़ राष्ट्रवाद, तमिल अस्मिता और हिंदी के विरोध के दशकों पुराने इतिहास से प्रेरित होकर, दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की राजनीति अन्य भारतीय राज्यों की राजनीति से बिल्कुल अलग रही है। यह भी ध्यान देने योग्य बात है कि भारत की आज़ादी के बाद तमिलनाडु में हिंदी-विरोधी आंदोलन ने ज़ोर पकड़ा और आज भी राज्य अपने सरकारी स्कूलों में केवल तमिल और अंग्रेज़ी माध्यम से ही शिक्षा देता है। यह एक ऐसी नीति है जो अन्य राज्यों द्वारा अपनाए गए ‘त्रिभाषा फॉर्मूले’ से बिल्कुल अलग रही है।

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