CM Yogi Adityanath : आज से 452 वर्ष पहले भारत का मध्यकाल, विदेशी आक्रांताओं की बर्बरता,सनातन धर्म के ऊपर छा रहे अंधकार के बीच एक दिव्य ज्योतिपुंज के रुप में अलग धारा लेकर,जनचेतना को जागरूक करते हुए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के अवधारणा को पुनर्स्थापित करने के संकल्प के साथ जिस दिव्यज्योति का प्रकटीकरण होता है,वह दिव्यज्योति प्रयागराज के कड़ा धाम में प्रगट होती है।
प्रयागराज हमारे लिए पावन तीर्थस्थल है। दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक जनसैलाब का आगमन दुनिया के अंदर किसी धरती पर होता है, तो वह प्रयागराज की धरती पर महाकुंभ और कुंभ के रूप में हम देखते हैं।
