आगरा, इटावा, मैनपुरी वासियों को CM Yogi Adityanath देंगे बड़ी सौगात, 239 विकास परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण और शिलान्यास, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से यूपी के मुख्यमंत्री एक बार फिर बड़े विकास कार्यक्रम की सौगात देने जा रहे हैं।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति देने के उद्देश्य से यूपी के मुख्यमंत्री एक बार फिर बड़े विकास कार्यक्रम की सौगात देने जा रहे हैं। CM Yogi Adityanath आगरा, इटावा और मैनपुरी जनपदों के लोगों को करोड़ों रुपये की 239 विकास परियोजनाओं की सौगात देंगे। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल और ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाओं को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री जी ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है।

CM Yogi Adityanath देंगे बड़ी सौगात

बता दें कि CM Yogi Adityanath ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “शिक्षक सम्मान, जनकल्याण व विकास के संकल्प को नई गति देने के उद्देश्य से आज जनपद आगरा, मैनपुरी और इटावा की पावन धरा पर आयोजित महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिलने जा रहा है। आगरा में ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना’ का शुभारंभ होगा।

साथ ही, मैनपुरी, करहल, इटावा, जसवंतनगर एवं भरथना विधान सभा क्षेत्रों के लिए लगभग ₹1,286 करोड़ से अधिक लागत की 239 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति-पत्र, चेक, टूल-किट एवं प्रमाण-पत्र भी वितरित होंगे। ये पहलें क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई गति प्रदान करते हुए जनसुविधाओं, स्वास्थ्य सुरक्षा और समृद्धि के नए युग की आधारशिला सिद्ध होंगी”।

समाज में फूट डालने की कोशिश करते हैं – CM Yogi Adityanath

एक जनसभा को संबोधित करते हुए CM Yogi Adityanath ने कहा कि “आपने देखा होगा कि जो लोग भारत की तरक्की पसंद नहीं करते और विकास से खुश नहीं हैं, वे किसी न किसी तरह समाज में फूट डालने की कोशिश करते हैं। उन्हें भारत के विरोधी ताकतों से फंड भी मिलता है। इन संसाधनों का गलत इस्तेमाल करके, वे अव्यवस्था का माहौल बनाने और जनता को गुमराह करने की कोशिश करेंगे। नकारात्मकता में डूबा समाज अक्सर अपने ही भले के खिलाफ काम करने के लिए उत्सुक दिखता है।
हमें यह पक्का करना होगा कि ऐसी स्थिति न बने और इस मामले में सतर्क रहना होगा। हमारे शिक्षण संस्थानों को देशभक्ति, प्रेरणा, इनोवेशन और रिसर्च के केंद्र के तौर पर स्थापित किया जाना चाहिए। हमारे विश्वविद्यालयों के प्रकाशनों में समाज की सफलता की कहानियों के उदाहरण दिखाए जाने चाहिए। हम यहां जो कुछ भी करें, वह मौजूदा पीढ़ी और आने वाली पीढ़ियों, दोनों के लिए प्रेरणा और आदर्श का काम करे। इस दिशा में हमारी कोशिशों में देश के प्रति हमारे कर्तव्यों का पालन दिखना चाहिए।”

 

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