CM Yogi Adityanath का अहम फैसला, मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा समेत यूपी के स्थानीय विशेष व्यंजनों को मिलेगी खास पहचान और बाजार

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के सबसे पॉपुलर मुख्यमंत्रियों में से एक सीएम योगी आदित्यनाथ अपने दूरदर्शी फैसलों के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यूपी के चीफ मिनिस्टर ने एक बार फिर अपने अहम फैसले से प्रदेश की जनता को खुशी दी है। दरअसल, यूपी सरकार ने ओडीओसी यानी एक जनपद–एक व्यंजन योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह योजना ‘वोकल फॉर लोकल’ को नई गति देगी और उत्तर प्रदेश की पाक-कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी।

CM Yogi Adityanath बोले- उत्तर प्रदेश की पाक-कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेंगे

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, “प्रदेश का प्रत्येक जनपद अपने विशिष्ट स्वाद, संस्कृति और पहचान के साथ सामने आए, यही ‘एक जनपद–एक व्यंजन (ओडीओसी)’ योजना का मूल उद्देश्य है। यह योजना ‘वोकल फॉर लोकल’ को नई गति देगी और उत्तर प्रदेश की पाक-कला की विरासत को वैश्विक फूड मैप पर स्थापित करेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैनपुरी की सोनपापड़ी, मथुरा का पेड़ा, वाराणसी की लौंगलता, बाराबंकी की चंद्रकला, आजमगढ़ का सफेद गाजर का हलवा, प्रदेश के प्रत्येक जनपद के ये विशिष्ट व्यंजन स्थानीय विरासत, कौशल और आर्थिकी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें गुणवत्ता, पहचान और बाजार उपलब्ध कराकर प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति को आर्थिक शक्ति में बदला जाएगा।”

काशी के प्रति हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है- सीएम योगी आदित्यनाथ

वहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के वाराणसी में कहा, “काशी अविनाशी है। काशी के प्रति हर भारतवासी अपार श्रद्धा का भाव रखता है लेकिन स्वतंत्र भारत में काशी को जो सम्मान मिलना चाहिए था उस समग्र विकास के कार्यक्रम को वो महत्व नहीं मिला जो आजादी के तत्काल बाद प्राप्त होना चाहिए था। पिछले 11-11.5 साल के अंदर काशी एक बार फिर से अपने आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करते हुए उनका संवर्धन भी कर रहा है और भौतिक विकास के कार्यों के माध्यम से नई ऊंचाई को भी प्राप्त कर रहा है।”

उन्होंने कहा, “2014 से पहले या काशी विश्वनाथ धाम बनने से पहले यहां प्रतिदिन श्रद्धालुओं की संख्या 5 हजार से लेकर केवल 25 हजार तक पहुंचती थी। आज उसी काशी में 1.25 लाख से 1.50 लाख श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचते हैं। अकेले काशी ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान किया है।”

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