CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जन-समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बता दें कि देशभर में कल यानि 4 मार्च को होली का त्यौहार मनाया जाएगा। बता दें कि होली से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में मोर को दाना खिलाया और गौशाला में पहुंचकर गौ सेवा भी की। जानकारी के मुताबिक सीएम योगी ने 150 लोगों से मुलाकात की, चलिए आपको बताते है इशसे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
CM Yogi Adityanath ने लोगों की सुनी समस्या
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में लोगों की समस्याएं सुनी। सीएमओ ऑफिस द्वारा दी जानकारी के अनुसार “जनसमर्पण से जनकल्याण तक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन‘ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
जनसमर्पण से जनकल्याण तक…
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज @GorakhnathMndr परिसर में आयोजित ‘जनता दर्शन’ में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए नागरिकों की समस्याएं सुनीं।
मुख्यमंत्री जी ने प्राप्त शिकायतों और समस्याओं के समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी निस्तारण के लिए संबंधित… pic.twitter.com/XzDHINbxqU
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 3, 2026
मुख्यमंत्री जी ने प्राप्त शिकायतों और समस्याओं के समयबद्ध, प्रभावी और पारदर्शी निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए”।
विश्व वन्यजीव दिवस पर सीएम योगी ने किया ट्वीट
विश्व वन्यजीव दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “वन्यजीव बचेंगे, तभी जीवन बचेगा। प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित सभी नागरिकों एवं प्रदेश वासियों को विश्व वन्यजीव दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
वन्यजीव बचेंगे, तभी जीवन बचेगा।
प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित सभी नागरिकों एवं प्रदेश वासियों को विश्व वन्यजीव दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
वन्यजीव जैव-विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के अमूल्य अंग हैं। इनका संरक्षण केवल प्रकृति की रक्षा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित… pic.twitter.com/tXi8CxLw10
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 3, 2026
वन्यजीव जैव-विविधता और पारिस्थितिक संतुलन के अमूल्य अंग हैं। इनका संरक्षण केवल प्रकृति की रक्षा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है”।
