CM Yogi Adityanath: माघ मेले से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, इन चीजों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध; जानें महत्वपूर्ण जानकारी

CM Yogi Adityanath: माघ मेला शुरू होने में महज कुछ ही दिनों का समय बच गया है। वहीं मुख्यमंत्री ने माघ मेले से पहले अधिकारियों के साथ बैठक की

CM Yogi Adityanath: माघ मेला शुरू होने में महज कुछ ही दिनों का समय बच गया है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने माघ मेले से पहले अधिकारियों के साथ बैठक की, और कुछ जरूरी और सख्त निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने प्रयागराज में होने वाले इस माघ मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था और कार्यों का जायजा लिया। मालूम हो कि 3 जनवरी 2026 से माघ मेले की शुरू होने जा रही है। जो फरवरी तक चलेगा। माघ मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसका कल्पवास है। हजारों श्रद्धालु एक महीने तक संगम तट पर रहकर संयम, स्नान, दान और साधना करते हैं। माघ मेला समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है। लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर आते है।

माघ मेले को लेकर CM Yogi Adityanath का सख्त निर्देश

बीते दिन माघ मेले को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जूरूरी दिशा-निर्देश दिए। पहला – प्रमुख स्नान पर्वों पर किसी तरह का वी.आई.पी. प्रोटोकॉल न दिया जाए, इस सम्बन्ध में आवश्यक सूचना जारी की जाए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण करें।

माघ मेला-2026 सुविधाओं और तकनीक के स्तर पर एक नया मानक बनना चाहिए और यह सभी नवाचार जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से दिखाई देने चाहिए। माघ मेला-2026 ऐसा आयोजन बने, जिसमें आस्था, सुरक्षा, स्वच्छता, नवाचार और संवेदनशील प्रशासन सभी का संतुलित और प्रभावी स्वरूप दिखायी दे।

सुरक्षा व्यवस्था के भी कड़े इंतजाम – सीएम योगी आदित्यनाथ

सीएम योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा कि “संगम पर कल्पवास, स्नान और साधना की परम्परा भारतीय सांस्कृतिक चेतना की आत्मा है। महाकुम्भ के सुव्यवस्थित आयोजन के बाद माघ मेला-2026 को लेकर देश और दुनिया में विशेष उत्साह है। माघ मेला केवल आस्था का आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परम्परा, सामाजिक अनुशासन और प्रशासनिक दक्षता का सजीव उदाहरण है”। इसके अलावा सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर सीएम ने कहा कि आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करें। उन्होंने ट्रैफिक व भीड़ मेनेजमेंट के लिए ठोस और बहुस्तरीय योजना बनाने का निर्देश दिए।