चित्रकूट का होगा कायाकल्प, CM Yogi Adityanath ने 124 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास, जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath लगातार विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे है। ताकि राज्य का विकास तेजी से हो सके।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: यूपी विधानसभा चुनाव में महज कुछ ही दिनों का समय बच गया है। इसी को देखते हुए CM Yogi Adityanath लगातार विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास कर रहे है। इसी बीच आज मुख्यमंत्री जी चित्रकूट पहुंचे, जहां उन्होंने वहां के लोगों को बड़ी सौगाते दी है।

इसकी जानकारी खुद यूपी सरकार ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करना, पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

CM Yogi Adityanath ने विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण, शिलान्यास

यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “राम धाम की भव्यता बढ़ाएं, मिलकर विकसित चित्रकूट बनाएं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं CM Yogi Adityanath जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के नगरों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करते हुए उनकी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने का कार्य निरंतर जारी है।

इसी क्रम में चित्रकूट एवं मानिकपुर विधानसभा क्षेत्रों में ₹951 करोड़ की लागत से 124 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया जाएगा। इन परियोजनाओं में सड़क, पुल, शिक्षा, सिंचाई और आधारभूत ढांचे से जुड़े अनेक कार्य शामिल हैं, जो क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा देंगे। यह विकास यात्रा रामायणकालीन आस्था की नगरी चित्रकूट को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ते हुए स्थानीय नागरिकों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और समृद्ध बनाने का कार्य करेगी।

जनसभा को संबोधित करते हुए क्या बोले सीएम योगी

लोकार्पण और शिलान्यास के बाद CM Yogi Adityanath ने कहा कि “शुरुआत में, परीक्षा केंद्र सिर्फ़ बलिया, आज़मगढ़ और ग़ाज़ीपुर में बनाए गए थे। मुझे कुछ गड़बड़ लगी, वाराणसी और प्रयागराज को तो केंद्र के तौर पर माना जा सकता था, लेकिन बलिया और ग़ाज़ीपुर में इतने सारे पढ़े-लिखे उम्मीदवार कहाँ से आने वाले थे?
ये केंद्र तेज़ी से मशरूम की तरह उग रहे थे। पता चला कि परीक्षा केंद्रों के लिए कॉन्ट्रैक्ट दिए जा रहे थे और सर्टिफिकेट सीधे लोगों के घरों तक पहुँचा दिए जाते थे। यूपी में लोग कहते थे कि नकल करना उनका जन्मसिद्ध अधिकार है।”

 

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