CM Yogi Adityanath: ‘मेड इन इंडिया’ में बढ़ते वैश्विक विश्वास…’ इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जाहिर की खुशी; जानें पूरी डिटेल

CM Yogi Adityanath: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रे़ड डील से जबरदस्त फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इसपर सीएम योगी ने प्रतिक्रिया दी है।

CM Yogi Adityanath: भारत और अमेरिका के बीच हुई ट्रे़ड डील से दोनों देशों को जबरदस्त फायदा पहुंचने की उम्मीद है। इसे लेकर पीएम मोदी ने भी ट्वीट किया है। भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा, जिसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, ट्री नट्स, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट और अन्य उत्पाद शामिल हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत एक दूसरे को अपने-अपने हित के क्षेत्रों में निरंतर आधार पर तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वहीं अब इसे लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपनी खुशी जाहिर की है और पीएम मोदी की सराहना की।

इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर CM Yogi Adityanath ने दी प्रतिक्रिया

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम। यह अंतरिम व्यापार ढांचा मेक इन इंडिया को निर्णायक बढ़ावा देता है, भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार पहुंच का विस्तार करता है, साथ ही किसानों, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका की रक्षा करता है। हम माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आभारी हैं, जिन्होंने संतुलित, पारस्परिक और भारत-केंद्रित समझौते को सुनिश्चित करने में निर्णायक और गतिशील नेतृत्व प्रदान किया है।

यह समझौता लघु एवं मध्यम उद्यमों को सशक्त बनाता है, निर्यात को बढ़ावा देता है, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करता है और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करता है। भारत-अमेरिका सहयोग में वृद्धि ‘मेड इन इंडिया’ में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाती है और वैश्विक विकास के प्रमुख चालक के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करती है”।

इंडिया-यूएस ट्रेड डील भारत के लिए साबित होगा गेमचेंजर 

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत आर्थिक सुरक्षा समन्वय को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और नवाचार को बढ़ावा दिया जा सके। इसके लिए तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कार्रवाई की जाएगी, साथ ही आयात और निर्यात निवेश समीक्षाओं और निर्यात नियंत्रणों पर सहयोग किया जाएगा।

भारत अगले 5 वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा रखता है। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) और डेटा केंद्रों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित प्रौद्योगिकी उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग का विस्तार करेंगे।

अमेरिका और भारत ने डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं और अन्य बाधाओं को दूर करने और बीटीए के हिस्से के रूप में मजबूत, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट मार्ग निर्धारित करने की प्रतिबद्धता जताई है।

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