India-US Trade Deal में भारतीय सेमीकंडक्टर सेक्टर के लिए क्या है खास, क्या अब इंडिया बनेगा चिप उत्पादन में भरोसेमंद लीडर? पढ़ें पूरी खबर

India-US Trade Deal: भारत-अमेरिका के बीच हुआ व्यापार समझौता भारतीय सेमीकंडक्टर क्षेत्र को एक नई रफ्तार प्रदान कर सकता है। चिप प्रोडक्शन, चिप डिजाइन से लेकर भारत एक दमदार सप्लाई चैन का भागीदार बन सकता है।

India-US Trade Deal

Photo Credit: Google

India-US Trade Deal: कई बैठकों और मसलों पर सहमति बनने के बाद बीते दिनों भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया। दोनों देशों के बीच हुई इस ट्रेड डील से भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को काफी गति मिल सकती है। इंडिया के सेमीकंडक्टर में उत्पादन, चिप डिजाइन और एआई डेटा सेंटर्स में भी काफी उपयोगी साबित हो सकता है। बताया जा रहा है कि इस ट्रेड डील से भारत के तकनीकी क्षेत्र में काफी सहयोग मिलने की संभावना है।

India-US Trade Deal से भारतीय सेमीकंडक्टर सेक्टर को मिल सकता है बूस्ट

सेमीकंडक्टर सेक्टर में सबसे महत्वपूर्ण होता है चिप का प्रोडक्शन, ऐसे में बताया जा रहा है कि दोनों देशों के बीच हुई ट्रेड डील भारत सेमी फैब नाम का प्रोजेक्ट चिप फैब्रिकेशन प्लांट चलाने के लिए यूनिक टेक्नोलॉजी सहयोग स्थापित किया गया है। यह फैब्रिकेशन यूनिट विशेष रूप से इन्फ्रारेड, गैलियम नाइट्राइड और सिलिकॉन कार्बाइड जैसे एडवांस्ड सेमीकंडक्टर्स बनाएगी।

भारत सेमीकंडक्टर सेक्टर में अमेरिका का एक भरोसमंद सप्लाई चैन पार्टनर साबित हो सकता है। इससे अमेरिका की चीन पर निर्भरता कम होगी। साथ ही भारत में चिप डिजाइन और चिप नेटवर्क में भागीदारी मजबूत होगी। इसके अलावा, अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 18 फीसदी का टैरिफ लगया है। इससे भारतीय इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी वस्तुओं को अमेरिका में कम शुल्क पर एक्सपोर्ट करने में मदद मिलेगी। इससे इंडिया के इलेक्ट्रॉनिक वैल्यू एड के साथ सेमीकंडक्टर प्रोडक्ट्स तक की अमेरिकी बाजार में पहुंच और प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से सेमीकंडक्टर में पैदा होंगी नई नौकरियां

हालिया ट्रेड डील से भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा बूस्ट देखने को मिल सकता है। कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता सिर्फ चिप डिजाइन, चिप उत्पादन और सप्लाई चैन को बेहतर करने के लिए ही नहीं, बल्कि भारत के अलग-अलग शहरों में एआई डेटा सेंटर्स को शुरू करने में अहम साबित हो सकता है। इस समझौते के बाद अब सेमीकंडक्टर बाजार में सैंकड़ों नई नौकरियां भी पैदा हो सकती हैं।

मालूम हो कि भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते से पहले केंद्र सरकार ने आईएसएम यानी इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 को भी लॉन्च किया था। ऐसे में सरकार सेमीकंडक्टर क्षेत्र को आगे बढ़ाने में पूरी गंभीरता दिखा रही है।

Exit mobile version