CM Yogi Adityanath ने प्रदेशवासियों को छठ महापर्व की दी हार्दिक बधाई; राज्यवासियों से कर दी ये महत्वपूर्ण अपील; जानें सबकुछ

CM Yogi Adityanath: कल यानि 25 अक्टूबर से छठ महापर्व की शुरूआत होने जा रही है। चार दिन चलने वाले इस महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई है।

CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath - फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: कल यानि 25 अक्टूबर से छठ महापर्व की शुरूआत होने जा रही है। चार दिन चलने वाले इस महापर्व की तैयारियां शुरू हो गई है। मालूम हो कि सबसे ज्यादा इसे बिहार और यूपी में मनाया जाता है। इसी बीच यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को छठ त्योहार की बधाई दी गई है। इस दौरान उन्होंने कहा लिखा कि “इस पर्व का एक गहरा संदेश है – नदियों और जलाशयों के प्रति सम्मान व उनका सरंक्षण है। हम नदी सभ्यता की संताने है”। छठ को लेकर कई राज्यों में तैयारियां शुरू हो चुकी है। बड़ी संख्या में लोग अपने गांव घर का रूख कर रहे है।

CM Yogi Adityanath ने प्रदेशवासियों को छठ महापर्व की दी बधाई

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “मेरे सम्मानित प्रदेश वासियों। छठ महापर्व आस्था व परंपरा के साथ-साथ प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का अनुपम उत्सव है। एक जिला-एक नदी के अंतर्गत सरकार नदियों के संरक्षण के लिए सतत प्रयत्नशील है।

आइए, छठ पर नदियों-घाटों को स्वच्छ रखने का संकल्प लें। छठ महापर्व की सभी को शुभकामनाएं”। UP Govt इन जीवनधाराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। ‘एक जिला-एक नदी’ के अंतर्गत, सरकार नदियों के संरक्षण के लिए सतत प्रयन्नशील है।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दिया खास संदेश

छठ महापर्व के अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को खास संदेश देते हुए लिखा कि “मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों छठ महापर्व आस्थ और परंपरा के साथ-साथ प्रकृतिक के प्रति कृतज्ञता का अनुपम उत्सव है। इस पर्व का एक गहरा संदेश है-नदियों और जलाशयों के प्रति सम्मान व अनका सरंक्षण। हम नदी सभ्यता की संताने है। हमारे लिए नदियां घमनियों-सी है।

जिनमें जल की स्मृतियां सुरक्षित है। उत्तर प्रदेश सरकार इन जीवनघाराओं के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। 2017 से अब तक 50 से अधिक नदियों को पुनर्जीवित किया जा चुका है। कानपुर की नून, देवरिया की छोटी गंडक, वाराणसी की मटुकास जौनपुर की पीली नदी का प्रवाह हमारे प्रयास का प्रमाण है”।

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