CM Yogi Adityanath ने लखनऊ में स्थित नौसेना शौर्य वाटिका का किया लोकार्पण, कुल 19 करोड़ रूपये आई लागत, जानें पूरी डिटेल

CM Yogi Adityanath ने राजधानी लखनऊ को एक और महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया।

CM Yogi Adityanath

फाइल फोटो

CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने राजधानी लखनऊ को एक और महत्वपूर्ण सौगात देते हुए नौसेना शौर्य वाटिका का लोकार्पण किया। इस परियोजना को भारतीय नौसेना के शौर्य, बलिदान और गौरवशाली इतिहास को समर्पित किया गया है। लगभग 19 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई यह वाटिका युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने के साथ-साथ उन्हें भारतीय सशस्त्र बलों के योगदान से परिचित कराने का कार्य करेगी। गौरतलब है कि CM Yogi Adityanath की अगुवाई में राज्य तेजी से विकास की और अग्रसर है।

CM Yogi Adityanath ने नौसेना वाटिका का किया लोकार्पण

यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि देश के नायकों को सम्मान, नौसेना के वीरों का शौर्यगान,
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन  एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल विकास और विरासत के संरक्षण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है, बल्कि राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव को भी नई पहचान दे रहा है।

इसी क्रम में लखनऊ में लगभग ₹19 करोड़ की लागत से निर्मित 2 एकड़+ क्षेत्र में निर्मित नौसेना शौर्य वाटिका (नौसेना शौर्य संग्रहालय का द्वितीय चरण) का लोकार्पण किया। यह वाटिका भारतीय नौसेना के अदम्य साहस, वीरता और आधुनिक सैन्य तकनीक को समर्पित होगी, जहां युद्धपोतों, मिसाइल प्रणालियों एवं नौसेना से जुड़े ऐतिहासिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जाएगा।

यूपी में विकास कार्य में जबरदस्त तेजी

बता दें कि CM Yogi Adityanath की अगुवाई में राज्य तेजी से विकास कर रहा है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रोजगार से लेकर विकास तक, हर क्षेत्र में तेजी देखी जा रही है। इसके अलावा लखनऊ में भी तेजी से विकास देखने को मिल रहा है। राज्य में निवेशकों की लाइन लग गई है। अपने कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि

“जब भारत का सैनिक माइनस डिग्री टेंपरेचर पर, रेगिस्तान की झुलसती गर्मी में एवं समुद्री लहरों का मुकाबला करते हुए देश की रक्षा करता है, तब 140 करोड़ भारतवासी चैन की नींद सोता है। याद रखिए, जब हम सुरक्षा के मोर्चे पर मजबूत होंगे, तभी दुनिया हमारी मित्र बनेगी। अगर आप कमजोर होंगे, तो कोई आपके सामने नहीं झुकेगा। हमारी ऋषि परंपरा ने भी हमें इसी मार्ग का अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया है”।

 

 

 

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