INS Aridhaman: भारत अपनी सैन्य ताकतों में लगातार इजाफा कर रहा है ताकि दुश्मन देश कोई हिमाकत करें तो उन्हें मुहतोड़ जवाब दिया जा सके। बता दें कि बीते दिन भारत ने अपनी तीसरी स्वदेशी निर्मित परमाणु उर्जा से चलने वाली पनडुब्बी, आईएनएस अरिधमन को शामिल किया। सबसे खास बात है कि समुंद्र से ही किसी देश पर परमाणु हमला कर सकती है। गौरतलब है कि इस खबर ने पाकिस्तान और चीन में हड़कंप मचा दिया है। INS Aridhaman केवल पनडुब्बी नहीं है, ये भारत की डिटरेंस पावर का प्रतीक है, जो दर्शाता है कि भारत सिर्फ सुरक्षा ही नहीं णनीतिक जवाब देने में भी पूरी तरह सक्षम है। चलिए आपको बताते है इस स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी की खासियत, जिसे जान दंग रह जाएंगे।
INS Aridhaman की ताकत देख पाक, चीन के उड़े होश
आईएएस अरिदमन के खासियत की बात करें तो पानी के ऊपर इसका वजन लगभग 6000 टन। पूरी तरह जलमग्न होने पर वजन बढ़कर 7000 टन हो जाएगा। करीब 95 से 100 कर्मियों का दल इस पनडुब्बी को संचालित करता है। INS Aridhaman पर नौसेना अधिकारियों के अलावा नाविकों की भी तैनाती है। 83 मेगावाट के छोटे परमाणु रिएक्टर का इस्तेमाल। यह तकनीक तमिलनाडु के कलपक्कम में विकसित पुराने नौसैनिक रिएक्टर पर आधारित है।
भारतीय नौसेना के पास तीन ऑपरेशनल न्यूक्लियर बैलेस्टिक मिसाइल सबमरीन थी और अब चौथी भी इस बेड़े में शामिल हो चुकी है। इस ताकत को हासिल करने के बाद यह सुनिश्चित हो जाएगा कि भारत की एक परमाणु पनडुब्बी गश्त पर रहेगी। सबसे खास बात है कि पाकिस्तान, इजराइल और उत्तर कोरिया जैसे देश परमाणु हथियार रखने के बावजूद अभी सबमरीन से इसे दागने की क्षमता नहीं हासिल कर पाए हैं। यानि यह पाकिस्तान के लिए तो बेहद बुरी खबर है।
परमाणु पनडुब्बी स्वेदशी तरीके से हुआ है निर्माण
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक INS Aridhaman का निर्माण भारत के गुप्त Advanced Technology Vessel (ATV) Program के तहत किया गया है। इसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) की अहम भूमिका रही। पनडुब्बी को नौसेना के लिए खासतौर पर डिजाइन किया गया। इसका निर्माण पूरी तरह मेक इन इंडिया के तहत किया गया है, जो एक सबसे बड़ा बड़ा उदाहरण है।
यह महीनों तक पानी के अंदर रह सकता है और दुश्मनों को इसकी भनक चक नहीं लगेगी। इसके अलावा इसमे ऐसी मसीने लगाई गई है, जो 3500 किमी तक मार सकती है, यानि एक बार में पाकिस्तान खत्म! सबसे खास बात है कि यह मिसाइलें पानी के नीचे लॉन्च की जाती है, ताकि दुश्मनों को भनक तक ना लगे।
