CM Yogi Adityanath की पहल से गांव के बच्चे को पढ़ाई के लिए शहर जाने की नहीं पड़ेगी जरूरत! ई-लाइब्रेरी से शिक्षा में आई इस तरह क्रांति

CM Yogi Adityanath: शिक्षा के क्षेत्र में गांव का विकास संभव हो सके इसके लिए दूरी कम करना जरूरी है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने डिजिटल लाइब्रेरी के बारे में लोगों को जानकारी दी जो निश्चित तौर पर लोगों के लिए एक खास तोहफा है। जानिए पूरी डिटेल्स क्या है।

CM Yogi Adityanath

Photo Credit- Google CM Yogi Adityanath

CM Yogi Adityanath: शिक्षा की दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तरफ से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे में गांव के किसी भी बच्चे को प्रतियोगी परीक्षा के लिए जरूरी स्टडी मैटेरियल न मिलने की शिकायत खत्म होने वाली है क्योंकि सरकार की पहल से बेहतर संसाधनों के लिए शहर दूर होने पर भी सुविधा की कमी नहीं रहेगी। सीएम योगी आदित्यनाथ की पहल से बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खसहा मोहम्मदपुर में डिजिटल लाइब्रेरी का विकास संभव हुआ है। ऐसे में अब लोगों को शहर तक जाने की जरूरत नहीं है। जानिए पूरी डिटेल्स क्या है।

कैसे गांव में दिख रहा है शिक्षा की ओर क्रांति

इस बारे में जानकारी देते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवालय में तैयार यह लाइब्रेरी किताब और कंप्यूटर, परंपरागत अध्ययन और आधुनिक तकनीक को एक छत के नीचे जोड़ रही है।

यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी की सुविधा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकों के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट का साहित्य भी उपलब्ध है। यानी पढ़ने के लिए पुस्तक चाहिए या तैयारी के लिए डिजिटल कंटेंट, दोनों अब गांव में ही सुलभ हैं।

कैसे सीएम योगी आदित्यनाथ ने आसान किया गांव के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बच्चों के पास यह संसाधन खुद-बुद्दीन हैं और इसी की वजह से डिवीजन टोकर यहां पढ़ाई कर सकते हैं स्टूडेंट ई-लर्निंग से जुड़ रहे हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई धार दे रहे हैं। जो समय और पैसा पहले शहर आने-जाने में लगता था, वह अब उनकी पढ़ाई में लग रहा है। बदलाव केवल एक गांव तक सीमित नहीं है। 2017 से पहले ई-लाइब्रेरी की पहुंच राज्य और जिला स्तर के लगभग 76 स्थानों तक सीमित थी, आज डिजिटल लाइब्रेरी 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुकी है।

इस तरह ई लाइब्रेरी का मिला सौगात

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने कहा कि “डिजिटल शिक्षा को केवल स्कूलों तक सीमित न रखते हुए लगभग 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। आज प्रदेश के 32,000 से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 15,000 से अधिक विद्यालयों में ICT लैब के माध्यम से शिक्षा को नई तकनीक से जोड़ा जा रहा है।”

कितने बच्चों को मिला सरकार का समर्थन

वहीं, 2012-16 में पर्याप्त सरकारी निधि होने के बावजूद 6.22 लाख बच्चों को पाठ्यपुस्तकें नहीं मिलीं और 97 लाख बच्चों को यूनिफॉर्म नहीं मिली। शिक्षा के क्षेत्र में संसाधनों की उपलब्धता से लेकर उनकी पहुंच तक, उत्तर प्रदेश ने एक लंबी दूरी तय की है।

CM Yogi Adityanath की वजह से डिजिटल लाइब्रेरी पहल का परिणाम धरातल पर

इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह बदलाव अभिभावकों के लिए भी भरोसे की बुनियाद है। उत्तर प्रदेश सरकार की ग्राम पंचायत डिजिटल लाइब्रेरी पहल का परिणाम धरातल पर है। ग्राम पंचायत सचिवालय अब प्रशासनिक सेवाओं के साथ ज्ञान और तकनीक के केंद्र के रूप में भी नई भूमिका निभा रहे हैं।

खसहा मोहम्मदपुर की यह डिजिटल लाइब्रेरी बदलाव की जीवंत तस्वीर है। निश्चित तौर पर गांव में बदलाव पढ़ाई की वजह से बदल रहा है और हर घर शिक्षा की पहुंच संभव हो रही है।

 

 

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